CG News: छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित 5 नए मेडिकल कॉलेजों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. जहां नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने इन मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी देने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है.
CG News: छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित 5 नए मेडिकल कॉलेजों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. जहां नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने इन मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी देने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है. इसके चलते इस शैक्षणिक सत्र में नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत नहीं हो पाएगी.
NMC ने तैयारियों को लेकर जताई आपत्ति एनएमसी ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों और बुनियादी ढांचे को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई हैं. विशेष रूप से मनेंद्रगढ़ में अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भवन के बिना ही कॉलेज शुरू करने की तैयारी पर सवाल उठाए गए हैं. बताया जा रहा है कि पर्याप्त संसाधन और आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी किए बिना ही प्रस्ताव एनएमसी को भेज दिया गया था. आयोग की आपत्तियों के बाद अब इन परियोजनाओं पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं.
इन जिलों में बनने वाले हैं 5 नए मेडिकल कॉलेज बता दें, मनेंद्रगढ़, कवर्धा, गीदम, जांजगीर और कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज खोलने का फैसला राज्य सरकार ने किया था. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक तैयारी के साथ एनएमसी में अप्लाई करने कहा गया था. मगर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया.
छात्रों पर पड़ेगा असर इस फैसले का असर प्रदेश के उन छात्रों पर भी पड़ेगा, जो नए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की उम्मीद लगाए बैठे थे. अब राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग को एनएमसी की आपत्तियों को दूर कर दोबारा मंजूरी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
चांपा। जिले के चांपा स्थित एक प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थान को साइबर ठगों ने बेहद शातिर तरीके से अपना निशाना बनाया है। ई-मेल हैकिंग और फर्जी बैंक खाते के जरिए ठगों ने कंपनी से 28 लाख रुपये की बड़ी रकम हड़प ली। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक चांपा स्थित प्रकाश इंडस्ट्रीज का राउरकेला की एक कारोबारी फर्म के साथ रॉ मटेरियल की खरीद-बिक्री को लेकर नियमित लेन-देन होता है। इसी दौरान साइबर अपराधियों ने कंपनी और सप्लायर के बीच चल रहे ई-मेल संवाद में सेंध लगा दी। ठगों ने सप्लायर के नाम से फर्जी ई-मेल भेजकर नया बैंक खाता बताने का झांसा दिया और भुगतान उसी खाते में जमा कराने को कहा।
कंपनी प्रबंधन ने ई-मेल को असली समझकर 28 लाख रुपये संबंधित खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब सप्लायर ने भुगतान नहीं मिलने की जानकारी दी, तब पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। जांच में सामने आया कि अज्ञात साइबर ठगों ने ई-मेल हैकिंग के जरिए यह पूरी साजिश रची थी।
प्रकाश इंडस्ट्रीज के अधिकारी विनय दास की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। सीएसपी योगिता बाली खापर्डे ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह ई-मेल आधारित साइबर फ्रॉड का मामला प्रतीत हो रहा है और पुलिस सभी तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।
फर्जी खातों और ई-मेल आईडी की खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, ई-मेल आईडी और डिजिटल ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि साइबर अपराधी अब व्यापारिक संस्थानों को निशाना बनाकर फर्जी ई-मेल और बैंक डिटेल्स के जरिए करोड़ों की ठगी को अंजाम दे रहे हैं।
व्यापारियों को चेतावनी
पुलिस ने सभी औद्योगिक और व्यापारिक संस्थानों से अपील की है कि किसी भी भुगतान से पहले बैंक खाते की जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि जरूर करें। केवल ई-मेल के आधार पर खाते में रकम ट्रांसफर करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार को शराब कारोबार से 10,715 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इस बड़ी कमाई के बाद प्रदेश में शराब नीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है और पक्ष-विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में प्रदेश में 29 नई शराब दुकानें खोली गईं, जिसके बाद सरकारी शराब दुकानों की कुल संख्या बढ़कर 703 हो गई है। वहीं शहरी क्षेत्रों में संचालित 205 क्लब और बार भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। शराब की मांग को पूरा करने के लिए प्रदेश में 14 पंजीकृत डिस्टलरी संचालित हैं, जो देसी और विदेशी शराब का उत्पादन करती हैं।
आबकारी विभाग को उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में शराब बिक्री से मिलने वाले राजस्व में करीब 10 प्रतिशत की और बढ़ोतरी हो सकती है।
इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि प्रदेश का युवा वर्ग शराब की गिरफ्त में जा रहा है, जबकि सरकार राजस्व बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रही है। कांग्रेस नेताओं ने इसे सामाजिक दृष्टि से चिंताजनक बताया है।
वहीं सरकार का पक्ष रखते हुए आबकारी मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि विभाग का पूरा काम नियमों के तहत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है और शराब बिक्री से होने वाली आय का एक-एक पैसा रिकॉर्ड में दर्ज है। मंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अब किसी प्रकार की अनियमितता या घोटाले की गुंजाइश नहीं है।
शराब बिक्री से बढ़े राजस्व और उससे जुड़े सामाजिक प्रभावों को लेकर प्रदेश में बहस लगातार तेज होती जा रही है। आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।
दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत फूलपाड़ में एक बड़ा राजनीतिक फेरबदल देखने को मिला है।
बस्तर में भाजपा को झटका, फूलपाड़ के 450 से अधिक ग्रामीणों ने थामा कांग्रेस का हाथ, बोले उपेक्षा का शिकार हैं कांग्रेस के आयोजन में भाजपा छोड़कर आए ग्रामीण ।
दंतेवाड़ा। बस्तर अंचल के दंतेवाड़ा जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई हैं। जिले के कुआकोंडा विकासखंड अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत फूलपाड़ में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बड़ा संगठनात्मक झटका लगा। क्षेत्र के विकास कार्यों की कथित उपेक्षा और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए 450 से अधिक ग्रामीणों ने भाजपा छोड़ दी और कांग्रेस का दामन थाम लिया। फूलपाड़ में आयोजित राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान इन सभी ग्रामीणों ने औपचारिक रूप से कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं की मौजूदगी में हुआ प्रवेश ग्रामीणों को कांग्रेस में शामिल करने के लिए फूलपाड़ में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के संयुक्त महामंत्री छविंद्र कर्मा, पीसीसी सदस्य व पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अवधेश गौतम, आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष शंकर कुंजाम और आदिवासी कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष देव सिंह ताती मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मंच पर मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस में शामिल होने वाले सभी नवप्रवेशी ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं का पारंपरिक रूप से स्वागत किया। नेताओं ने सभी को पार्टी का आधिकारिक गमछा पहनाकर बकायदा दल में प्रवेश कराया और उन्हें कांग्रेस की रीति-नीति व विचारधारा से अवगत कराया।
Mission 2028 Chhattisgarh Congress: वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का निर्धारित तीन वर्ष का कार्यकाल आगामी 9 जुलाई को समाप्त होने जा रहा है।
ऐसे में पार्टी के भीतर नए प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
Chhattisgarh Congress Party: छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का तीन वर्ष का निर्धारित कार्यकाल आगामी 9 जुलाई को पूरा हो रहा है। ऐसे में पार्टी के भीतर नए प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर अंदरूनी मंथन तेज हो गया है और कई नामों पर सियासी कयास लगाए जा रहे हैं।
Chhattisgarh Congress News: युवा चेहरे को मिल सकता है मौका पार्टी सूत्रों के अनुसार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) इस बार संगठन की कमान किसी युवा और सक्रिय चेहरे को सौंपने पर गंभीरता से विचार कर रही है। माना जा रहा है कि संगठन को नई ऊर्जा देने के लिए नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।
क्या फिर भूपेश बघेल बनेंगे CM? बीजेपी MLA का कथित ऑडियो वायरल, बोलीं- AI जनरेटेड, जेल भेजने की बात कही
इसी रणनीति की शुरुआत पिछले वर्ष 25 नवंबर को हुई थी, जब छत्तीसगढ़ की 41 जिला कांग्रेस कमेटियों में लगभग 25 नए और युवा अध्यक्षों की नियुक्ति कर संगठन में बड़ा बदलाव किया गया था। अब उसी मॉडल को प्रदेश स्तर पर भी लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि विधानसभा चुनाव 2028 में अभी समय है, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व संगठनात्मक ढांचे को अभी से मजबूत और सक्रिय बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
इन प्रमुख नामों पर चर्चा प्रदेशाध्यक्ष पद की रेस में कई बड़े नाम सामने आ रहे हैं। इनमें सबसे आगे पूर्व मंत्री और खरसिया विधायक उमेश पटेल का नाम बताया जा रहा है। उन्हें संगठनात्मक अनुभव और युवा नेतृत्व का संतुलित चेहरा माना जाता है। इसके अलावा भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का नाम भी तेजी से चर्चा में है। पार्टी के भीतर उन्हें एक ऊर्जावान और जनाधार वाले युवा नेता के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं, मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज की दावेदारी को भी पूरी तरह खारिज नहीं किया जा रहा है। आदिवासी समाज में उनकी मजबूत पकड़ और संगठन में सक्रिय भूमिका उनके पक्ष में मानी जा रही है।
टीएस सिंहदेव भी दौड़ में सक्रिय प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव भी इस रेस में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने पहले भी सार्वजनिक रूप से प्रदेशाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने की इच्छा जताई है। इसके साथ ही वे सरगुजा, कोरबा और जांजगीर-चांपा जैसे क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहकर अपना राजनीतिक आधार मजबूत कर रहे हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प होता जा रहा है।
छत्तीसगढ़ आ सकते हैं खरगे और राहुल गांधी सूत्रों के मुताबिक, अभनपुर में 21 से 30 जून के बीच जिला कांग्रेस अध्यक्षों का एक बड़ा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के शामिल होने की संभावना है। माना जा रहा है कि इसी शिविर के बाद संगठनात्मक बदलाव पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है और छत्तीसगढ़ कांग्रेस को नया प्रदेशाध्यक्ष मिल सकता है।
जल्द ही बड़ा फैसला ले सकता है पार्टी हाईकमान कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। पार्टी हाईकमान युवा और अनुभवी चेहरों के बीच संतुलन बनाते हुए जल्द ही बड़ा फैसला ले सकता है।
नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद बीजेपी में प्रदेश प्रभारी के लिए नए चेहरे की तलाश जारी है.
रायपुर : बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन का छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रभारी के रूप में कार्यकाल लगभग समाप्त माना जा रहा है. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर छत्तीसगढ़ बीजेपी का अगला प्रदेश प्रभारी कौन होगा? बीजेपी नेतृत्व अब तक नए प्रभारी के नाम पर फैसला क्यों नहीं कर पाया है? क्या संगठन और सरकार में संभावित बदलावों के कारण यह देरी हो रही है या फिर केंद्रीय नेतृत्व किसी ऐसे चेहरे की तलाश में है जो आगामी विधानसभा चुनाव तक संगठन को नई दिशा दे सके. दूसरी तरफ कांग्रेस इसे बीजेपी की आंतरिक कमजोरी बताकर सरकार और संगठन दोनों को घेरने की तैयारी में है. ऐसे में नए प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है.
नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नया समीकरण
भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में कई राज्यों में संगठनात्मक बदलाव किए हैं. इसी क्रम में नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली.इसके बाद छत्तीसगढ़ बीजेपी में प्रदेश प्रभारी का पद लगभग रिक्त माना जा रहा है. राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य होने के बावजूद नए प्रभारी की नियुक्ति नहीं होना चर्चा का विषय बना हुआ है.
छत्तीसगढ़ बीजेपी का अगला प्रभारी कौन ?
आखिर नए प्रभारी के नाम पर देरी क्यों?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में बीजेपी संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर कुछ बड़े फैसले ले सकती है. संगठन में नई नियुक्तियां, निगम-मंडलों में रिक्त पदों पर नियुक्तियां और सरकार में संभावित फेरबदल की चर्चाएं पहले से चल रही हैं. ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहता और ऐसे नेता की तलाश में है जो संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर सके.
नए प्रभारी के सामने चुनौतियों का पहाड़- कांग्रेस
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर का कहना है कि बीजेपी का यह आंतरिक मामला है, लेकिन जो भी नया प्रभारी बनेगा उसके सामने कई बड़ी चुनौतियां होंगी. बीजेपी नेताओं के बीच कथित गुटबाजी, कार्यकर्ताओं की नाराजगी और ढाई साल की सरकार के प्रति जनता का असंतोष नए प्रभारी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी.मोदी की गारंटी के नाम पर जनता से किए गए वादे पूरे नहीं हुए हैं और इसका जवाब संगठन को देना पड़ेगा.
कौन होगा बीजेपी का अगला प्रदेश प्रभारी
प्रदेश में खाद संकट, बेरोजगारी, महंगाई, महंगी बिजली, जमीन रजिस्ट्री शुल्क में वृद्धि, स्कूल-कॉलेज फीस बढ़ोतरी, अपराध और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर जनता नाराज है।उन्होंने दावा किया कि सरकार के खिलाफ जनता में आक्रोश है और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे हालात में किसी भी प्रभारी के लिए सरकार की छवि सुधारना आसान नहीं होगा- धनंजय सिंह ठाकुर,प्रवक्ता कांग्रेस
कांग्रेस का दावा बदलाव के मूड में जनता
कांग्रेस का कहना है कि न सिर्फ जनता बल्कि बीजेपी के कार्यकर्ता भी असंतुष्ट हैं. पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर के बयानों का हवाला देते हुए कांग्रेस ने दावा किया कि बीजेपी के भीतर भी सरकार के कामकाज को लेकर नाराजगी है. धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यदि नितिन नबीन को दोबारा भी छत्तीसगढ़ का प्रभारी बना दिया जाए, तब भी बीजेपी को इसका लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि जनता बदलाव का मन बना चुकी है.
दिल्ली के फैसले का इंतजार
उपमुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल को लेकर भी चर्चाएं कांग्रेस ने दावा किया कि सरकार में बदलाव की चर्चाएं तेज हैं. दो उपमुख्यमंत्री पदों को समाप्त करने, कुछ मंत्रियों को बदलने तथा लंबे समय से खाली पड़े निगम-मंडलों में नियुक्तियों की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में चल रही हैं. कांग्रेस का कहना है कि यह सरकार की असहज स्थिति को दर्शाता है.
कांग्रेस को बीजेपी का जवाब बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राजीव चक्रवर्ती ने कहा कि नितिन नबीन संघर्ष से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद तक पहुंचे हैं. छत्तीसगढ़ बीजेपी के लिए यह गर्व का विषय है. उन्होंने कहा कि नितिन नबीन के मंडल, बूथ और वार्ड स्तर तक कार्यकर्ताओं से मधुर संबंध रहे हैं. उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ भाजपा ने कई चुनावी सफलताएं हासिल की हैं.
CG News: बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में शिक्षक और छात्रा के पवित्र रिश्ते को तार-तार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां एक निजी स्कूल के शिक्षक ने अपनी ही 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा को हवस का शिकार बना डाला.
CG News: बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में शिक्षक और छात्रा के पवित्र रिश्ते क
ो तार-तार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां एक निजी स्कूल के शिक्षक ने अपनी ही 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा को हवस का शिकार बना डाला. आरोपी शिक्षक ने न सिर्फ छात्रा के साथ दुष्कर्म किया, बल्कि किसी को बताने पर चाकू की नोक पर जान से मारने की धमकी भी दी.
इस खौफ के कारण पीड़िता महीनों तक गहरे सदमे में रही. अंततः हिम्मत जुटाकर उसने परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद सिरगिट्टी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
10वीं की छात्रा से टीचर ने किया दुष्कर्म सिरगिट्टी थाना प्रभारी अभय सिंह ने बताया कि, क्षेत्र की रहने वाली 15 वर्षीय पीड़िता एक निजी स्कूल में कक्षा दसवीं की छात्रा है. उसी स्कूल में देवरीखुर्द का रहने वाला युवक राहुल बांगरू शिक्षक के पद पर कार्यरत था. पढ़ाने के दौरान ही आरोपी शिक्षक की नीयत छात्रा पर बिगड़ गई. उसने नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने प्रेम जाल में फंसाया और उससे बातचीत करने लगा.
चाकू दिखाकर दी थी धमकी पीड़िता ने पुलिस को बताया कि यह खौफनाक वारदात बीते दिसंबर महीने की है. एक दिन आरोपी शिक्षक राहुल बांगरू उसे अपनी बाइक पर बैठाकर जबरदस्ती अपने साथ ले गया. वह उसे तोरवा क्षेत्र स्थित एक ओयो होटल में लेकर पहुंचा, जहां उसने नाबालिग की मर्जी के खिलाफ उसके साथ दुष्कर्म (अनाचार) किया.
वारदात के बाद जब छात्रा रोने लगी, तो आरोपी शिक्षक ने जेब से चाकू निकाल लिया. उसने छात्रा की गर्दन पर चाकू अड़ाकर धमकी दी. इस धमकी से नाबालिग इतनी डर गई कि उसने महीनों तक यह बात अपने दिल में दबाए रखी.
ये भी पढ़ें- Durg: एक्स बॉयफ्रेंड की पिटाई…गर्लफ्रेंड से बात करने के शक में बॉयफ्रेंड ने साथियों संग पीटा, पाइप से किया हमला
छात्रा ने परिजनों को बताई आपबीती इस भयावह घटना के बाद से ही 10वीं की छात्रा गहरे मानसिक तनाव और सदमे में जीने लगी। बीते कुछ दिनों में जब उसकी हिम्मत थोड़ी बंधी, तो उसने अपने साथ हुई इस दरिंदगी की पूरी जानकारी अपने परिजनों को दी.
शिक्षक की इस करतूत को सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई. इसके बाद परिजन सीधे पीड़िता को लेकर सिरगिट्टी थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सिरगिट्टी पुलिस ने बिना वक्त गंवाए आरोपी शिक्षक के खिलाफ तत्काल अपराध दर्ज किया. पुलिस ने मामले में दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपी राहुल बांगरू को गिरफ्तार कर लिया.
Didi E-Rickshaw Assistance Scheme: छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना की गई है. इस योजना के तहत पात्र महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए पैसे दिए जाएंगे.
Didi E-Rickshaw Assistance Scheme: छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. जहां छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना की गई है. इस योजना के तहत पात्र महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए पैसे दिए जाएंगे.
दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से महिलाओं को मिलेगा लाभ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत निर्माण कार्य से जुड़े 60 प्रकार के विभिन्न प्रवर्गों के श्रमिक पंजीकृत हैं. मंडल द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए जन्म से लेकर मृत्यु तक लगभग 28 कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं. इन्हीं योजनाओं में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना भी शामिल है, जो विशेष रूप से महिला निर्माण श्रमिकों के लिए शुरू की गई है.
1.5 लाख रुपए देगी सरकार इस योजना के तहत 3 साल से पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए 1 लाख 50 हजार रुपये तक की अनुदान राशि दी जाती है. यह राशि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा दी जाती है. योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वयं का रोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है.
किन महिलाओं को मिलेगा लाभ? इस योजना का लाभ वे महिला श्रमिक उठा सकती हैं जो कम से कम तीन वर्षों से निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकृत हों. पात्र हितग्राही अपनी पसंद की ई-रिक्शा कंपनी का चयन कर सकते हैं और बैंक से ऋण स्वीकृत होने के बाद योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की प्रक्रिया दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के लिए पात्र महिला निर्माण श्रमिक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकती हैं. आवेदन श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://shramevjayate.cg.gov.in/shramik, Shramev Jayate Mobile App, नजदीकी श्रम संसाधन केंद्र, चॉइस सेंटर या फिर संबंधित जिला श्रम कार्यालय के माध्यम से जमा किया जा सकता है.
गीदम। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गीदम की नई कार्यकारिणी की घोषणा के साथ युवा कांग्रेस नेता ऋषभ सुराना को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गीदम का मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। संगठन की मुख्य कार्यकारिणी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं, युवाओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। पार्टी संगठन ने इस नियुक्ति को युवा नेतृत्व पर बढ़ते विश्वास और जनहित के मुद्दों पर उनकी सक्रिय भूमिका का सम्मान माना है।
ऋषभ सुराना लंबे समय से कांग्रेस संगठन से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एनएसयूआई से की और छात्र राजनीति के माध्यम से संगठनात्मक अनुभव प्राप्त किया। इसके बाद कांग्रेस की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए उन्होंने पार्टी की विचारधारा को आमजन तक पहुंचाने का कार्य किया। युवाओं को कांग्रेस से जोड़ने और संगठन को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका लगातार प्रभावी रही है।
उनकी सक्रिय कार्यशैली और मीडिया प्रबंधन क्षमता को देखते हुए पूर्व में उन्हें जिला कांग्रेस मीडिया सेल दंतेवाड़ा में सचिव की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। सोशल मीडिया, जनसंपर्क और मीडिया समन्वय के माध्यम से उन्होंने पार्टी की योजनाओं, कार्यक्रमों और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाया। इसी कार्यशैली को देखते हुए अब उन्हें ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गीदम की मुख्य कार्यकारिणी में महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।
ऋषभ सुराना ने केवल राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में ही नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों पर मुखर आवाज़ के रूप में भी अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्थाओं, अस्पतालों में सुविधाओं की कमी, मरीजों की समस्याओं, शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं, विद्यार्थियों की परेशानियों तथा युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों को समय-समय पर प्रमुखता से उठाया है।
इसके अलावा नगर क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाओं, कानून व्यवस्था, सड़क, पेयजल, स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े विषयों को लेकर भी वे लगातार सक्रिय रहे हैं। कई अवसरों पर उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों का ध्यान जनसमस्याओं की ओर आकर्षित किया तथा ज्ञापन सौंपकर आम जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाया।
दंतेवाड़ा जिले की राजनीति में ऋषभ सुराना आज एक उभरते हुए युवा चेहरे के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। युवाओं के बीच उनकी मजबूत पकड़, सामाजिक कार्यों में सहभागिता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में वे जिले की युवा राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
ऋषभ सुराना की इस राजनीतिक यात्रा के पीछे उनके पिता नरेंद्र (नंदू) सुराना का मार्गदर्शन और संगठनात्मक अनुभव भी महत्वपूर्ण माना जाता है। दंतेवाड़ा जिले के सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में सुराना परिवार की एक अलग पहचान रही है। नरेंद्र सुराना ने वर्षों तक कांग्रेस संगठन को मजबूत करने का कार्य किया है तथा राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सहित कई महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। वर्तमान में भी वे कांग्रेस संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
अपनी नियुक्ति पर ऋषभ सुराना ने कहा कि यह पद उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा मेहनत और समर्पण से कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं को अवसर देती है तथा वे संगठन द्वारा जताए गए विश्वास पर पूरी निष्ठा के साथ खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने अपनी नियुक्ति का श्रेय पिता नरेंद्र (नंदू) सुराना के मार्गदर्शन, परिवार के सहयोग, वरिष्ठ नेताओं के आशीर्वाद और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विश्वास को दिया।
उन्होंने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे आगे भी स्वास्थ्य, शिक्षा, किसान, युवा, व्यापारी और आम जनता से जुड़े हर मुद्दे को मजबूती से उठाते रहेंगे तथा कांग्रेस पार्टी की नीतियों और जनहित की आवाज़ को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।
ऋषभ सुराना की नियुक्ति पर कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी हैं तथा विश्वास जताया है कि उनके नेतृत्व और कार्यशैली से संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी।
जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पहले मामले में नगारीडीह निवासी निलेश भैना पर नाबालिग बालिका की फोटो और वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल कर उसे बदनाम करने तथा उसके परिजनों को धमकाने का आरोप है। पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।वहीं दूसरे मामले में जोगीडीपा निवासी शुभम दास पर आधी रात एक युवती के घर में घुसकर छेड़छाड़ करने का आरोप है। बताया गया कि युवती के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया था। शिकायत के बाद जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी है।