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CG News: भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला में ईडी ने पूर्व भाजपा के मंत्री एवं वर्तमान विधायक के भाई समेत तीन लोगों के ठिकानों पर मारे छापे, लाखों नकदी और 37.13 किलो चांदी जब्त

Aman Chhattisgarh News

CG News: ईडी ने गोपाल गांधी और उनके भाई सहित पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर और राइस मिलर रौशन चंद्राकर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की.

CG News: छत्तीसगढ़ में चर्चित भारतमाला परियोजना घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार और मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन कारोबारी गोपाल गांधी और उनके भाई सहित पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर और राइस मिलर रौशन चंद्राकर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की.

रायपुर, अभनपुर, धमतरी और कुरुद समेत कुल 8 स्थानों पर टीमों ने एक साथ दबिश दी. एजेंसी को शिकायत मिली थी कि भारतमाला परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा वितरण में भारी अनियमितताएं की गई हैं.

मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच जारी

मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर अवैध तरीके से अर्जित रकम को किन माध्यमों से खपाया गया. तलाशी के दौरान अधिकारियों को करीब 66.9 लाख रुपये नकद और 37.13 किलो चांदी बरामद हुई, जिसमें चांदी की सिल्लियां और अन्य कीमती सामान शामिल हैं. इसके अलावा कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे लैपटॉप, मोबाइल और हार्ड डिस्क भी जब्त किए गए हैं, जिनमें लेनदेन से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना जताई जा रही है.

भूपेंद्र चंद्राकर के घर चली लंबी कार्रवाई

भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकानों पर सोमवार सुबह शुरू हुई कार्रवाई देर रात तक चली. बताया जा रहा है कि टीम करीब 15 घंटे तक उनके घर पर जांच करती रही और इस दौरान जमीन से जुड़े दस्तावेज, एक मोबाइल फोन और करीब 8 से 9 लाख रुपये नकद अपने साथ ले गई. वहीं, कुरुद में रौशन चंद्राकर के यहां भी ऐसे ही छापेमारी की गई.

500 करोड़ के घोटाले की आशंका

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी की आशंका है. आरोप है कि कृषि भूमि को पिछली तारीखों में गैर-कृषि घोषित कर उसका मुआवजा कई गुना बढ़ाया गया. साथ ही एक ही खसरा नंबर की जमीन को कागजों में अलग-अलग हिस्सों में दिखाकर विभिन्न लोगों के नाम पर भुगतान किया गया. इससे पहले भी ED इस मामले में कई जिलों में कार्रवाई कर चुकी है और करोड़ों की संपत्तियां अटैच कर चुकी है.

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