Independence Day 2025 : 15 अगस्त के अवसर पर बस्तर संभाग के 14 गांव पहली बार तिरंगा फहराते हुए दिखाई देंगे. आजादी के बाद से कभी भी इन गांव में ध्वजारोहण नहीं हुआ है. नक्सलियों के आतंक के कारण 78 सालों में यहां कभी भी स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाया गया है.

Bastar Independence Day 2025 Celebration: 15 अगस्त 2025, छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के 14 गांवों के लिए ऐतिहासिक होने वाला है. इन 14 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा. पहले इन क्षेत्रों में नक्सलियों का आतंक हुआ करता था लेकिन सुरक्षाबलों के कैंप स्थापित होने के बाद बस्तर के इन आदिवासी गांवों में आजादी की नई सुबह देखने को मिलेगी. बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिले के गांवों में पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाए जाने पर यहां बच्चे से बड़े सभी उत्सुक हैं.
Independence Day 2025 – 78 साल में पहली बार मनेगा स्वतंत्रता दिवस
15 अगस्त 2025 को भारत को आजाद हुए 78 साल पूरे हो जाएंगे. आजादी के इस दफा एक बार भी बस्तर के इन गांव में ध्वाजारोहण नहीं किया गया है. नक्सलियों के आतंक की वजह से यहां स्वतंत्रता दिवस मनाने पर पाबंदी थी. गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यहां तिरंगा के जगह काले झंडे दिखाई देते थे. देशभक्ति के इन शुभ अवसरों पर पर्ची बाटी जाती थी कि कोई भी गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाएगा. लेकिन इस बार बस्तर के इन गांव की तस्वीर बदलती दिखाई दी है. ना ही ऐसी कोई पर्ची बाटी गई है ना ही 15 अगस्त के कार्यक्रम को रोकने की कोशिश की गई है.
सुरक्षाबलों के कैंप की वजह से संभव
इन 14 गांवों में स्थापित कैंपों की वजह से ये एतिहासिक पल संभव होने जा रहा है. इस साल 26 जनवरी को कैंप स्थापित किए गए थे जिसकी वजह से यहां बच्चा-बच्चा आजादी का जश्न मनाते दिखाई देगा. कुछ गांव यहां ऐसे भी है जिन्होंने गणतंत्र दिवस मनाया है लेकिन इस बार वे पहली बार तिरंगे के रंग में रंगे नजर आएंगे. गांव में स्थिपित सुरक्षाबलों के शिविर यहां लोगों से निरंतर संपर्क में बने हुए है साथ ही यहां विकास पर भी काम किया जा रहा है.
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गांव में त्योहार जैसा माहौल
पहली दफा स्वतंत्रता दिवस मनाने को लेकर गांव में त्योहार जैसा माहौल छाया हुआ है. गांववासियों में स्वतंत्रता दिवस मनाने की खुशी है. सुरक्षाबलों के साथ-साथ गांव वालों के लिए भी कल का दिन एक एतिहासिक क्षण होने वाला है. सुरक्षाबलों की निगरानी में यहां पूरा गांव शांति और अमन से आजदी के इस पर्व को मना सकेगा. गांव के बच्चे और युंवा खास तौर पर झंडारोहण करने के लिए उत्सुक है.


