Durga Pooja 2026: दुर्गोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. शहीद चंद्रशेखर आजाद दुर्गा उत्सव समिति इस वर्ष अपना 50वां वर्ष यानी स्वर्ण जयंती मना रही है.
Durga Pooja 2026: बिलासपुर. न्यायधानी में दुर्गोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. तेलीपारा स्थित शहीद चंद्रशेखर आजाद दुर्गा उत्सव समिति इस वर्ष अपना 50वां वर्ष यानी स्वर्ण जयंती मना रही है. वर्ष 1977 में शुरू हुई समिति का दुर्गोत्सव हर साल भव्य प्रतिमा, आकर्षक सजावट और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए पहचान रखता है. स्वर्ण जयंती वर्ष को खास बनाने के लिए इस बार करीब 1.5 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है.
माता रानी की भव्य प्रतिमा बंगाल के प्रसिद्ध मूर्तिकार गणेश पाल द्वारा चांपा में तैयार की जा रही है. वहीं पंडाल का निर्माण करीब दो महीने पहले ही शुरू कर दिया गया है. कोलकाता के टेंट संचालक और उनके कलाकार पंडाल को आकार दे रहे हैं. इस बार पंडाल का आंतरिक स्वरूप श्रीलंका के भद्रकाली अम्मन मंदिर की थीम पर तैयार किया जा रहा है. पंडाल के दोनों ओर 80-80 फीट ऊंचे भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे. दक्षिण भारतीय शैली के इन द्वारों पर 20-20 फीट ऊंची भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की प्रतिमाएं द्वारपाल के रूप में नजर आएंगी.
पूरे मार्ग को कोलकाता के प्रसिद्ध चंदननगर की तर्ज पर आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा. इससे तेलीपारा से पंडाल तक का पूरा मार्ग रात में विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा.
12 अक्टूबर को भव्य आगमन
माता रानी का आगमन 12 अक्टूबर को भव्य शोभायात्रा के साथ होगा. इसके लिए पुणे से डीजे और ऑर्केस्ट्रा बुलाया गया है. दुर्ग से धुमाल पार्टी, शहर की प्रसिद्ध बैंड पार्टी, बस्तर से मांडरी बाजा व गेड़ी नृत्य, कोरबा से कर्मा बाजा व नृत्य तथा मुंगेली से राउत बाजा की प्रस्तुति होगी. बेलतरा की प्रसिद्ध रामायण भजन मंडली भी श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेगी.
आगमन के दौरान विभिन्न झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी. इनमें बिलासा देवी की प्रतिमा, शिव-पार्वती की झांकी, राधा-कृष्ण का रथ और रावण वध की झांकी शामिल है. समिति के कोषाध्यक्ष एवं पार्षद ओम कश्यप ने बताया कि विशेष सजावट और रोशनी वाली झांकी के साथ मुंगेली से स्टंट ग्रुप बुलाया गया है, जो विभिन्न प्रकार के करतब प्रस्तुत करेगा. बालोदाबाजार से भी मनोरंजन के लिए विशेष आकर्षण लाए जा रहे हैं. शहडोल से तात्या बिच्छू की प्रस्तुति भी होगी.
पुष्पवर्षा, आतिशबाजी और गंगा आरती से स्वागत
माता रानी के आगमन पर पुष्पवर्षा और आतिशबाजी के साथ भव्य स्वागत किया जाएगा. इसकी व्यवस्था रायपुर की इवेंट टीम संभाल रही है. मां की गंगा आरती के बाद उन्हें पंडाल में प्रवेश कराया जाएगा. समिति के अध्यक्ष अरुण कश्यप के मुताबिक बस स्टैंड के पास मैदान में फन वर्ल्ड मेला भी लगाया जा रहा है. बच्चों के लिए जबलपुर के कलाकारों द्वारा विशेष हॉरर हाउस तैयार किया जा रहा है. 12 अक्टूबर को पंडाल के बाहर छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध गायिका अल्का चंद्राकर का विशेष जागरण होगा. इसमें 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.
रोज होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम, लगेगा भंडारा
स्वर्ण जयंती वर्ष में पंडाल में पूरे नवरात्रि अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन मंडलियों की प्रस्तुतियां होंगी. कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 8 बजे से रात 12 बजे तक आयोजित किए जाएंगे. श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भंडारे की व्यवस्था भी रहेगी.
