धार्मिक संस्कृति सशक्तिकरण और समाज की एकता पर दिया गया जोर
चांपा।
नगर के भालेराव मैदान में गुरुवार को हिंदू समाज की एकता और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण हिंदू समाज से भटके हुए लगभग 210 लोगों की विधिवत घर वापसी रहा, जिसे पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक विधानों के साथ संपन्न कराया गया।
सम्मेलन का उद्देश्य हिंदू समाज को एक मंच पर एकत्रित कर उसकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना, सामाजिक जागरूकता बढ़ाना तथा धार्मिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश देना बताया गया। घर वापसी कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों एवं संतों द्वारा मंत्रोच्चारण, तिलक, पुष्पवर्षा और पारंपरिक स्वागत के साथ लोगों का अभिनंदन किया गया।
घर वापसी करने वाले सभी 210 लोगों ने मंच से संकल्प लिया कि वे भविष्य में अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े रहेंगे और किसी भी प्रकार से समाज को भटकाने वाली गतिविधियों से दूर रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम उनके जीवन में नई दिशा देने वाला साबित हुआ है।
इस आयोजन में प्रबल प्रताप जूदेव (घर वापसी प्रमुख) की विशेष भूमिका रही, जिनके मार्गदर्शन में पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया। सम्मेलन में राजेंद्र (अखिल भारतीय अधिकारी, धर्म जागरण), राजकुमार खंडेलवाल, नरेश देवांगन, पं. एम.एस. त्रिपाठी, स्वामी सुंदर दास एवं डॉ. सुरुचि गोयल बतौर अतिथि उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में हिंदू समाज की एकता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, सामाजिक समरसता और युवाओं में नैतिक मूल्यों के विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान देश और समाज के प्रति जागरूक रहने, अपनी संस्कृति पर गर्व करने और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने का आह्वान किया गया। सम्मेलन में आयोजकों के साथ-साथ नगर के नागरिकों की भारी उपस्थिति देखने को मिली, जिससे भालेराव मैदान पूरी तरह भरा रहा।
अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, संतों और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज को जोड़ने का संकल्प लिया।


