जांजगीर-चांपा में बिजली विभाग की साख को जोरदार झटका लगा है। Chhattisgarh State Electricity Board (CSEB) के ग्रामीण कार्यालय में भ्रष्टाचार का ऐसा खेल पकड़ा गया है जिसने पूरे जिले को हिला कर रख दिया।

Anti Corruption Bureau (ACB) की टीम ने प्लानिंग के साथ छापा मारकर तीन कर्मचारियों को ₹35,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सीधा प्रहार मानी जा रही है।
🔥 कौन-कौन चढ़े ACB के हत्थे?
- JE राजेंद्र शुक्ला
- AE विजय नोरगे
- कंप्यूटर ऑपरेटर विजय राठौर
ये तीनों अधिकारी HT लाइन विस्तार के नाम पर आम लोगों से खुली वसूली कर रहे थे। बिना पैसे काम नहीं — यही इनका नियम बन चुका था।
⚡ कैसे हुआ पूरा खेल खत्म?
पीड़ित ने हिम्मत दिखाकर ACB में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद ACB ने जाल बिछाया — जैसे ही रिश्वत की रकम दी गई, टीम ने मौके पर ही दबिश देकर तीनों को पकड़ लिया।
👉 ऑफिस में मचा हड़कंप
👉 रिश्वत की रकम बरामद
👉 जरूरी दस्तावेज जब्त
👉 लगातार पूछताछ जारी
💣 CSEB पर उठे बड़े सवाल
इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है —
क्या CSEB में भ्रष्टाचार जड़ से फैला हुआ है?
सूत्रों की मानें तो यह सिर्फ शुरुआत है। कई और कर्मचारी जांच के घेरे में आ सकते हैं। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं।
😡 जनता का फूटा गुस्सा
लोगों का कहना है कि बिजली कनेक्शन, लाइन विस्तार और छोटे-छोटे कामों के लिए महीनों तक दौड़ाया जाता है — और आखिर में रिश्वत मांगी जाती है।
ACB की इस कार्रवाई के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है और सख्त कार्रवाई की मांग की है।


