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Sunday, April 19, 2026

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बस में बैठकर रास्ता भटके दो मासूम, चांपा पुलिस ने निभाई जिम्मेदारी

Aman Chhattisgarh News


जांजगीर-चांपा। अक्सर पुलिस की छवि सख्ती से जोड़ी जाती है, लेकिन चांपा पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वर्दी के पीछे संवेदनशील दिल भी होता है। सक्ती जिले के ग्राम खैरा से भटककर चांपा पहुंचे दो मासूम बच्चों को पुलिस ने न केवल सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया, बल्कि उन्हें उनके परिवार से मिलाकर मानवता की मिसाल पेश की।

ऐसे भटके मासूम

मिली जानकारी के अनुसार, एक 13 वर्षीय बालिका (कक्षा 6वीं) और 9 वर्षीय बालक (कक्षा 4थी) शनिवार शाम करीब 4 बजे अपने घर से कुटेकेला स्थित रिश्तेदार के यहां जाने के लिए निकले थे। लेकिन रास्ते में ही उनका मन बदल गया और वे एक गुजरती बस में बैठकर चांपा पहुंच गए।

चांपा बस स्टैंड पर उतरने के बाद दोनों बच्चे रास्ता भटक गए और भटकते-भटकते  आरआर फ्यूल्स पेट्रोल पंप  के पास पहुंच गए, जहां वे काफी देर तक इधर-उधर घूमते रहे।

पेट्रोल पंप संचालक की सतर्कता बनी सहारा

बच्चों को संदिग्ध हालत में घूमता देख पेट्रोल पंप संचालक टिंकू  मेमन ने तुरंत थाना चांपा को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर दोनों बच्चों को सुरक्षित थाना लाया।

पुलिस की तत्परता से मिला परिवार

थाने में पूछताछ के दौरान बच्चों ने अपना पता ग्राम खैरा, जिला सक्ती बताया। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परिजनों से संपर्क किया। सूचना मिलते ही बच्चों की बड़ी बहन थाना पहुंची और जरूरी पुष्टि के बाद दोनों बच्चों को अपने साथ सुरक्षित घर ले गई।

अपने बच्चों को सकुशल देखकर परिजनों के चेहरे पर राहत और खुशी साफ नजर आई।

थाना प्रभारी ने दिखाई संवेदनशीलता

इस पूरी घटना में थाना प्रभारी अशोक वैष्णव का मानवीय चेहरा सामने आया। उन्होंने बच्चों से बेहद स्नेहपूर्वक बातचीत की, उनका डर दूर किया और उन्हें भोजन भी कराया। कुछ ही देर में बच्चे उनके साथ सहज हो गए, जिससे उनका भय पूरी तरह खत्म हो गया।

पुलिस टीम की हो रही सराहना

चांपा पुलिस की इस संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। बच्चों के परिजनों ने भी पुलिस टीम के प्रति आभार जताया।

इस सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी  अशोक वैष्णव , प्र.आरक्षक विनोद खूंटे, महिला प्रधान आरक्षक पुष्पलता साहू, आरक्षक मुद्रिका दुबे एवं  वीरेश सिंह  की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



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👉 “सतर्क नागरिक और संवेदनशील पुलिस — यही है सुरक्षित समाज की पहचान।”

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