अमन छत्तीसगढ़ न्यूज़
जांजगीर-चांपा। रायपुर-रायगढ़ को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित बिर्रा-सिलादेही हसदेव नदी पुल की बदहाल स्थिति और कथित घटिया मरम्मत को लेकर मामला गरमा गया है। पुल का निरीक्षण करने पहुंचे जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया ने मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए सेतु विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
गुरुवार 20 अगस्त को सिलादेही हाईस्कूल में सरस्वती योजना के तहत आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद गगन जयपुरिया हसदेव नदी पुल का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुल पर चल रहे मरम्मत कार्य और इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुल के गड्ढों की मरम्मत में निर्धारित मानकों के अनुरूप 20-40 एमएम गिट्टी का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इसके बजाय जीरा गिट्टी और कम मात्रा में सीमेंट से मरम्मत किए जाने की बात सामने आई। उन्होंने इसे स्थायी समाधान के बजाय महज खानापूर्ति बताया।
मौके से ही जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने सेतु विभाग के एसडीओ ए.के. गुप्ता से मोबाइल पर बातचीत कर कार्य की गुणवत्ता को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि मरम्मत तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं की गई तो कुछ ही समय बाद पुल की समस्या दोबारा सामने आ सकती है।
गगन जयपुरिया ने कथित घटिया कार्य को ‘थूक-पॉलिश’ करार देते हुए चेतावनी दी कि यदि तत्काल मरम्मत कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तो मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी। जरूरत पड़ने पर कार्य रुकवाने की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
भारी वाहनों के दबाव में जर्जर हो रहा पुल
सिलादेही-केरा मार्ग पर स्थित हसदेव नदी पुल रायपुर, रायगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इस मार्ग पर भारी वाहनों, कैप्सूल ट्रेलरों और मालवाहक ट्रकों की लगातार आवाजाही होती है। भारी यातायात के दबाव के चलते पुल की स्थिति खराब होती जा रही है। पुल पर जगह-जगह गड्ढे हैं और कई स्थानों पर सरिए बाहर निकल आए हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पुल की औपचारिक मरम्मत के बजाय तकनीकी मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ कार्य कराया जाए। जिला पंचायत उपाध्यक्ष की नाराजगी और चेतावनी के बाद अब लोगों की नजर सेतु विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है।


