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फर्जी वोटिंग, OTP के दुरुपयोग और ऐप में गड़बड़ी के आरोपों से घिरी चुनाव प्रक्रिया; प्रदेशभर से करीब 400 शिकायतें पहुंचने का दावा
रायपुर। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ऑनलाइन मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद फर्जी वोटिंग, OTP के कथित दुरुपयोग, फर्जी ID और तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर कई गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने भी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव रद्द करने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों से करीब 400 शिकायतें चुनाव प्राधिकरण तक पहुंची हैं। शिकायतकर्ताओं की मांग है कि पहले पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक चुनाव परिणाम घोषित नहीं किए जाएं।
खुर्सीपार में फर्जी ID से वोटिंग का आरोप
सबसे गंभीर आरोपों में से एक भिलाई-दुर्ग के खुर्सीपार से सामने आया है। यहां सरकारी आईटीआई और कॉल सेंटर में कथित तौर पर फर्जी वोटर ID के जरिए ऑनलाइन मतदान कराने के आरोप लगाए गए हैं। एक प्रत्याशी की ओर से इस मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंचाए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है।
शिकायत में सवाल उठाया गया कि बड़ी संख्या में कथित फर्जी ID आखिर कहां से आईं और सरकारी संस्थान के भीतर मतदान कराने की अनुमति किस स्तर पर दी गई।
जशपुर में वोटिंग बंद होने के बाद बढ़े वोट?
जशपुर में भी With IYC ऐप की मतदान प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं। कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील ने दावा किया कि उनकी ID में शुरुआती तौर पर 12 वोट दर्ज थे, लेकिन मतदान बंद होने के बाद भी अतिरिक्त वोट जुड़ गए। उनके अनुसार इनमें दूसरे जिलों से जुड़े वोट भी दिखाई दिए।
इन आरोपों के बाद ऐप और पूरी ऑनलाइन मतदान प्रणाली की तकनीकी जांच की मांग भी उठ रही है।
OTP और वर्चुअल नंबर के इस्तेमाल पर भी सवाल
कई शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि ऑनलाइन मतदान के दौरान वर्चुअल मोबाइल नंबर और OTP के माध्यम से ID तैयार कर मतदान किया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है और अंतिम स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मुंगेली में बाहरी लोगों से वोटिंग कराने का आरोप
मुंगेली में भी चुनाव प्रक्रिया को लेकर आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि मध्यप्रदेश से लोगों को बुलाकर मतदान कराया गया। इन आरोपों की भी जांच की मांग की जा रही है।
अब परिणाम पर टिकी निगाहें
लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच चुनाव की पारदर्शिता और ऑनलाइन मतदान व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ताओं की मांग है कि सभी शिकायतों, मतदान डेटा, OTP रिकॉर्ड, ID और ऐप की तकनीकी गतिविधियों की जांच कराई जाए।
वहीं, पूर्व मंत्री शिव डहरिया द्वारा चुनाव रद्द करने की मांग किए जाने के बाद यह विवाद और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है। अब देखना होगा कि युवा कांग्रेस का चुनाव प्राधिकरण इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या जांच पूरी होने तक परिणाम रोके जाते हैं।
नोट: फर्जी वोटिंग, OTP के दुरुपयोग और ऐप में छेड़छाड़ से जुड़े आरोप फिलहाल शिकायतकर्ताओं/प्रत्याशियों के दावे हैं; इनकी अंतिम पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही होगी।
