गणेश विसर्जन को लेकर प्रशासन अलर्ट, डोंगा घाट और एनीकट पर रहेगी पैनी नजर… नदी का तेज बहाव बना चुनौती

चांपा / अमन छत्तीसगढ़ न्यूज



चांपा। गणेश उत्सव के बाद अब प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू होने वाला है। इस बीच इस वर्ष लगातार सक्रिय रहे मानसून और नदी-नालों में बने तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। खासकर डोंगा घाट और एनीकट जैसे विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।

दरअसल, इस वर्ष बारिश का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। क्षेत्र की नदी-नाले और तालाब कई जगह उफान की स्थिति में हैं। ऐसे में गणपति विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ नदी और जलस्रोतों के आसपास पहुंच सकती है, जिससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है।

प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान निर्धारित एवं सुरक्षित स्थानों का ही उपयोग करें और नदी के गहरे पानी तथा तेज बहाव वाले हिस्सों में जाने से बचें। डोंगा घाट और एनीकट ऐसे प्रमुख स्थान हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंचते हैं। इन्हीं स्थानों पर प्रशासन की पैनी नजर रहने की बात कही गई है।

नदी का तेज बहाव बना बड़ी चुनौती

इस बार सबसे बड़ी चिंता नदी में बना तेज बहाव है। पानी का बहाव ऊपर से सामान्य दिखाई देने के बावजूद नदी के भीतर गहराई और धार का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में विसर्जन के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

प्रशासन द्वारा प्रमुख विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, बैरिकेडिंग और निगरानी जैसे इंतजामों पर जोर दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को नदी के खतरनाक हिस्सों तक जाने से रोका जा सके।

नशे से दूरी और नदी किनारे जाने से परहेज जरूरी

गणेश विसर्जन के दौरान अक्सर बड़ी संख्या में लोग उत्साह में नदी और तालाबों के आसपास जमा होते हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से नशे की हालत में नदी के आसपास नहीं जाने की अपील की गई है। खासकर युवाओं से अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।

गणपति बप्पा को विधि-विधान और श्रद्धा के साथ विदाई देने का यह अवसर है, इसलिए उत्सव के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।

मासूम बच्चों को विसर्जन के दौरान साथ ले जाने से बचें

विसर्जन के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। भीड़भाड़ और अफरा-तफरी के बीच कई बार अभिभावकों का ध्यान बच्चों से हट जाता है। नदी अथवा अन्य जलस्रोतों के आसपास ऐसी छोटी सी चूक भी गंभीर परिणाम दे सकती है।

इसलिए छोटे बच्चों को विसर्जन स्थल के नजदीक ले जाने से बचने और उन्हें सुरक्षित दूरी पर रखने की अपील की गई है। साथ ही बुजुर्गों को भी गहरे पानी अथवा तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए।

प्रशासन की गाइडलाइन का पालन जरूरी

गणेश विसर्जन को लेकर प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना सभी के लिए जरूरी है। सुरक्षित तरीके से प्रतिमा विसर्जन कर उत्सव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों की भी जिम्मेदारी है।

मानसून के प्रभाव और नदी-नालों में मौजूद पानी को देखते हुए इस बार विसर्जन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बेहद जरूरी है। श्रद्धा और उत्साह के साथ सुरक्षा का ध्यान रखा जाए, ताकि गणेश विसर्जन का पर्व किसी अप्रिय घटना की वजह न बने।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles