
विधायक बोलीं, AI से एडिट कर फैलाया गया षड्यंत्र
जांजगीर-चांपा। पामगढ़ की कांग्रेस विधायक शेषराज हरबंश का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जिले से लेकर प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। वायरल क्लिप में विधायक को कथित तौर पर रेत माफिया से पैसों की डील करते सुना जा रहा है। इसमें कलेक्टर, एसडीएम और विधायक के बीच पैसों के बंटवारे का जिक्र किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, इस ऑडियो में 2 लाख कलेक्टर, 2 लाख एसडीएम और 5 लाख विधायक के हिस्से में देने की बात कही गई है। बातचीत में पामगढ़ क्षेत्र की महानदी से होने वाले अवैध रेत खनन का भी जिक्र है। एक अन्य व्यक्ति राघवेंद्र को 1 लाख रुपये देने की बात भी सामने आई है।
विधायक का पलटवार – “AI से एडिट कर वायरल किया गया”
इस विवाद पर विधायक शेषराज हरबंश ने शुक्रवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित साजिश रची जा रही है।
विधायक का दावा: “ऑडियो क्लिप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। यह मेरी छवि धूमिल करने की कोशिश है।”
आरोप अपने ही दल पर: उन्होंने कहा कि “मेरी ही पार्टी के कुछ लोग, भाजपा पदाधिकारियों के साथ मिलकर मुझे बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं।”
आंशिक स्वीकारोक्ति: विधायक ने माना कि एक ऑडियो क्लिप असली है, जिसमें उन्होंने अधिकारियों से चालान काटने और गाड़ी छुड़वाने की बात की थी। यह बातचीत करीब एक साल पुरानी है।
कानूनी कदम: शेषराज हरबंश ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने और पार्टी स्तर पर शिकायत करने की बात कही।
वार बनाम पलटवार
भाजपा का हमला: भाजपा नेताओं ने कहा कि “यह कांग्रेस की भ्रष्ट राजनीति का खुला सबूत है। जनता सब देख रही है।”
कांग्रेस की असहजता: पार्टी अब इस विवाद से बचाव के लिए आंतरिक चर्चा में जुटी हुई है।
जनता में चर्चा: पामगढ़ से लेकर पूरे जिले में यह मामला सबसे गर्म मुद्दा बना हुआ है।
कथित ऑडियो और विधायक के पलटवार ने वार-पलटवार की नई सियासी जंग छेड़ दी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जांच में ऑडियो क्लिप की सच्चाई सामने आती है या विधायक का एआई-एडिटेड साजिश वाला दावा साबित होता है।


