अमन छत्तीसगढ़ न्यूज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार रात 8.30 बजे देश की जनता को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि बीती रात लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित बिल के पास न होने के मुद्दे पर वह अपनी बात रख सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात (शनिवार) 8.30 बजे देश को संबोधित करने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार, माना जा रहा है कि इस दौरान वह बीती रात लोकसभा में पारित न हो सका महिला आरक्षण संबंधित संविधान संशोधन बिल पर अपनी बात रख सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चूंकि इस समय सरकार का पूरा फोकस डिलिमिटेशन करके सीटों को बढ़ाकर 33 फीसदी महिलाओं को आरक्षण देने पर है तो पीएम मोदी आज अपना संबोधन इसी मुद्दे पर रख सकते हैं।
इससे पहले भी पीएम मोदी कई अहम मामलों पर रात आठ बजे देश को संबोधित करते आए हैं। सबसे पहले नोटबंदी के समय पीएम मोदी ने साल 2016 में देश को रात आठ बजे संबोधित किया था। उसके बाद भी कई अन्य मामलों में उनका संबोधन सामने आया है। शनिवार को लोकसभा में विपक्ष ने संविधान (131वां) संशोधन विधेयक पास नहीं होने दिया था। इस विधेयक के जरिए लोकसभा में सीटों को बढ़ाकर 850 करने और उसमें 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान था। विपक्ष का कहना है कि वह महिला आरक्षण के साथ है, लेकिन इसके जरिए डिलिमिटेशन को जोड़ दिया गया है, जिसके जरिए दक्षिण समेत कई अन्य भागों के साथ अन्याय हुआ है। इसी वजह से उसने इस विधेयक का विरोध किया है।
पीएम मोदी ने संशोधन विधेयक के पारित न होने पर शनिवार को निराशा भी व्यक्त की और विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को अपने इस फैसले के लिए जिंदगीभर पछताना पड़ेगा। पीएम मोदी ने यह टिप्पणी संसद भवन में आयोजित सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक के दौरान की। शुक्रवार रात लोकसभा में विधेयक पर मतदान के दौरान 298 सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान किया जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। विधेयक को दो तिहाई बहुमत से पारित होने के लिए मतदान करने वाले 528 सदस्यों में से 352 सांसदों के मतों की आवश्यकता थी।
महिला आरक्षण संबंधी विधेयक गिरने के बाद एनडीए नेताओं की बैठक
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 2029 से आरक्षण लागू करने और लोकसभा की सदस्य संख्या बढ़ाने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के निम्न सदन में गिरने के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं ने शुक्रवार को संसद भवन परिसर में बैठक की। बैठक में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान और अर्जुन राम मेघवाल शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, राजग के सहयोगी दलों के नेताओं में केंद्रीय मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू (तेलुगु देशम पार्टी), जयंत चौधरी (राष्ट्रीय लोक दल), राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह (जनता दल-यूनाइटेड) और चिराग पासवान (लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास) भी बैठक में मौजूद थे।
संविधान और विपक्षी एकजुटता की जीत हुई: प्रियंका गांधी
वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने का हवाला देते हुए शनिवार को कहा कि यह विधेयक संघीय ढांचे को बदलने का षड्यंत्र था और इसका गिरना संविधान एवं विपक्षी एकजुटता की जीत है। प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार 2023 के नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लोकसभा की वर्तमान 543 सीट के आधार पर तत्काल लागू कर सकती है और यदि वह ऐसा करती है तो विपक्ष इसका समर्थन करेगा।उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”कल जो हुआ, वह लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ी जीत है, संघीय ढांचे को बदलने की साजिश को हराया गया।” उन्होंने कहा कि विपक्ष की एकता और संविधान की जीत हुई है।








