अमन छत्तीसगढ़ न्यूज
चांपा/जांजगीर-चांपा। तिरुपति मोटर्स चांपा में करीब 8 वर्षों से काम कर रहे 30 वर्षीय कर्मचारी शिवराम धीवर की रायपुर में काम के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में मातम के साथ आर्थिक संकट की स्थिति बन गई है। वहीं, मृतक के परिजन अब उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं और कर्मचारी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
8 साल से तिरुपति मोटर्स में कर रहे थे काम
जानकारी के अनुसार शिवराम धीवर तिरुपति मोटर्स में फिटर-वेल्डर के रूप में काम करते थे और करीब 8 वर्षों से कंपनी से जुड़े हुए थे। बताया जा रहा है कि 2 अक्टूबर को उन्हें काम के सिलसिले में रायपुर भेजा गया था। रायपुर में काम के दौरान वे करंट की चपेट में आ गए, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।
हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों के मुताबिक शिवराम परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहारा थे और उनकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं।
मौत के बाद परिवार के सामने बड़ा सवाल—मुआवजा कौन देगा?
शिवराम की मौत के बाद उनके परिजन तिरुपति मोटर्स के सामने पहुंचकर उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि लंबे समय तक नौकरी करने वाले शिवराम की अचानक मौत के बाद परिवार को आर्थिक सहारे की जरूरत है।
परिजनों की ओर से सवाल उठाया जा रहा है कि काम के दौरान हुए इस हादसे के बाद परिवार को किस स्तर पर और कितना मुआवजा मिलेगा? साथ ही, कर्मचारी की सुरक्षा को लेकर क्या इंतजाम किए गए थे, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। खासकर जब कर्मचारी को दूसरे शहर में काम के लिए भेजा गया हो, ऐसे में सुरक्षा मानकों और जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि, हादसे की पूरी परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है। कंपनी प्रबंधन का पक्ष और संबंधित जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल शिवराम के परिजन उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि तिरुपति मोटर्स प्रबंधन परिवार की मांग पर क्या कदम उठाता है और मृतक के परिवार को किस प्रकार की आर्थिक सहायता मिलती है।
मुख्य सवाल
काम के दौरान कर्मचारी की सुरक्षा के क्या इंतजाम थे?
शिवराम को रायपुर किस काम के लिए भेजा गया था?
हादसे के बाद कंपनी की ओर से परिवार को क्या सहायता दी गई?
परिवार को नियमानुसार कितना मुआवजा मिलेगा?
हादसे की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं?
नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी और परिजनों द्वारा उठाए गए सवालों के आधार पर तैयार की गई है। मुआवजे या जिम्मेदारी से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पक्ष/जांच रिपोर्ट से होना बाकी है।
