अमन छत्तीसगढ़ न्यूज़ / छत्तीसगढ़
रायपुर 06 अगस्त 2025 – छत्तीसगढ़ की सियासत में इन दिनों भाजपा विधायक अजय चंद्राकर का एक वायरल वीडियो चर्चा का केंद्र बना हुआ है। कांग्रेस ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए भाजपा के भीतर गुटबाज़ी और असंतोष के आरोप लगाए हैं। वीडियो में अजय चंद्राकर भाजपा के ही वरिष्ठ नेताओं अजय जमवाल और किरण सिंहदेव पर मंच से नाराजगी जताते हुए सम्मान प्रतीक और गमछा लौटाते नजर आ रहे हैं।
यह वीडियो भाजपा के सदस्यता अभियान सम्मान समारोह का बताया जा रहा है। कांग्रेस ने इसे भाजपा की “अंतर्कलह” और “सामंजस्यहीनता” का उदाहरण करार देते हुए चुटकी ली कि “भाजपा के राहु फिर भड़के।” कांग्रेस ने कहा कि चंद्राकर की यह सार्वजनिक नाराजगी पार्टी के भीतर खटास और समन्वय की कमी को उजागर करती है।
कांग्रेस के इस बयान पर अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा कि “मैं राहुल गांधी की तरह बिना समझे नहीं बोलता” कांग्रेस के आरोपों पर अजय चंद्राकर ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पढ़नी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने मंच से केवल यह कहा था कि: “मां (BJP) की सेवा में कोई सम्मान नहीं होना चाहिए। अगर कोई सम्मान होना चाहिए, तो वह माननीय प्रदेश अध्यक्ष किरण देव जी का होना चाहिए, जिनकी प्रेरणा से सदस्यता अभियान जैसा महान कार्य सफल हुआ है।”
अजय चंद्राकर ने कांग्रेस को सलाह देते हुए कहा कि राजनीति करने के लिए कोई और विषय तलाशिए। इस घटनाक्रम ने जहां भाजपा की आंतरिक स्थिति को लेकर सवाल खड़े किए हैं, वहीं कांग्रेस ने इसे राजनीतिक हथियार बना लिया है। हालांकि चंद्राकर की सफाई के बाद मामला शांत होता दिख रहा है, लेकिन इस प्रकरण ने सियासी गलियारों में हलचल जरूर मचा दी है।


