अमन छत्तीसगढ़ न्यूज
जांजगीर चांपा। नौकरी लगाने के नाम पर ₹1 लाख 90 हजार लेने और नौकरी नहीं दिलाने का आरोप लगाते हुए जांजगीर-चांपा भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री अभिषेक पाण्डेय के खिलाफ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता शेखर निर्मलकर ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है।
पहले ₹1 लाख, फिर ₹90 हजार… नौकरी फिर भी नहीं लगी
शिकायतकर्ता के मुताबिक, बलौदाबाजार की एक दुकान में सुपरवाइजर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था। इसके बाद 2 जुलाई 2025 को अभिषेक पाण्डेय के भाई प्रशांत पाण्डेय के बैंक खाते में ₹50-₹50 हजार की दो ऑनलाइन किस्तों में ₹1 लाख ट्रांसफर किए गए।
आरोप है कि एक सप्ताह के भीतर नौकरी और जॉब लेटर देने की बात कही गई, लेकिन समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं लगी। इसके बाद अधिकारियों को अतिरिक्त रकम देने की बात कहते हुए 31 अक्टूबर 2025 को ₹90 हजार और लिए गए।
शिकायतकर्ता का दावा है कि इस तरह उसने कुल ₹1 लाख 90 हजार दिए।
पैसे वापस करने का चेक भी बाउंस
नौकरी नहीं लगने के बाद जब शिकायतकर्ता ने रकम वापस मांगी तो कथित तौर पर उसे लगातार भुगतान का आश्वासन दिया गया। शिकायत के अनुसार, 11 फरवरी 2026 को ₹90 हजार का चेक दिया गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि 6 मार्च को चेक यूनियन बैंक, बलौदाबाजार शाखा में जमा किया गया, लेकिन 7 मार्च को पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया।
थाने में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसने 13 जुलाई 2026 को सिटी कोतवाली बलौदाबाजार में आवेदन दिया था, लेकिन उसे आवेदन की पावती नहीं मिली और कार्रवाई भी नहीं हुई।
अब मामला पुलिस अधीक्षक तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच, कानूनी कार्रवाई और ₹1.90 लाख वापस दिलाने की मांग की है।
जांच के बाद साफ होगी सच्चाई
फिलहाल पूरा मामला शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नौकरी के नाम पर रकम लेने और उसे वापस नहीं करने के आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस मामले में किसकी जिम्मेदारी बनती है।
