अमन छत्तीसगढ़ न्यूज
गीदम। गीदम व्यापारी संघ के आगामी अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर व्यापारी वर्ग में हलचल तेज हो गई है। हाल ही में आयोजित व्यापारी संघ की महत्वपूर्ण बैठक में अध्यक्ष पद के इच्छुक दावेदारों ने अपनी-अपनी दावेदारी पेश की। बैठक में वर्तमान अध्यक्ष सुजीत ठाकुर, झल्लर गुप्ता, अमित गुप्ता, रोहित बुरड़ सहित अन्य व्यापारियों ने भी अपनी दावेदारी सामने रखी।
इसी क्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं पूर्व विधायक प्रतिनिधि रजत दहिया ने बड़ी संख्या में व्यापारी साथियों के साथ पहुंचकर अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की। उनके साथ पहुंचे व्यापारियों की संख्या को लेकर भी बैठक के बाद व्यापारी वर्ग में चर्चा रही।
सर्वसम्मति बनाने की वरिष्ठों की कोशिश
व्यापारी संघ के अध्यक्ष पद को लेकर वरिष्ठ एवं बुजुर्ग व्यापारियों की शुरुआत से कोशिश रही है कि चुनाव की स्थिति से बचते हुए आपसी सहमति और भाईचारे के आधार पर किसी एक नाम पर सर्वसम्मति बनाई जाए।
वर्तमान अध्यक्ष सुजीत ठाकुर एवं पूर्व अध्यक्ष रजनीश सुराना ने भी बैठक में इस दिशा में प्रयास जारी रखने की बात कही। उनका कहना था कि यदि वरिष्ठों के मार्गदर्शन और व्यापारियों की सहमति से किसी एक नाम पर निर्णय हो जाए तो व्यापारी समाज की एकता मजबूत रहेगी और चुनाव के बाद संभावित मतभेदों से भी बचा जा सकेगा।
हालांकि, अभी तक किसी एक नाम पर सर्वसम्मति नहीं बन पाई है। ऐसे में दावेदारों द्वारा अपनी-अपनी दावेदारी पेश किए जाने के बाद चुनावी माहौल बनने लगा है।
वरिष्ठों का आशीर्वाद लेकर रजत दहिया ने रखी दावेदारी
अध्यक्ष पद की दावेदारी पेश करने से पहले रजत दहिया ने गीदम के वरिष्ठ एवं बुजुर्ग व्यापारियों से आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ व्यापारी समाज के मार्गदर्शक हैं और उनके अनुभव के साथ युवाओं की ऊर्जा को जोड़कर व्यापारी संघ को और मजबूत किया जा सकता है।
रजत दहिया की पहचान व्यापारी वर्ग में सरल, मृदुभाषी, शिक्षित, मिलनसार एवं मददगार युवा चेहरे के रूप में बताई जा रही है। व्यापारी साथियों के सुख-दुःख में शामिल होने और जरूरत के समय सहयोग के लिए आगे रहने को उनकी दावेदारी की प्रमुख ताकत माना जा रहा है।
“चुनाव हो, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए”
अपनी दावेदारी के दौरान रजत दहिया ने व्यापारी एकता और आपसी भाईचारे को सबसे अधिक महत्व देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि सभी व्यापारी एक परिवार की तरह हैं। चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन चुनाव के कारण आपसी रिश्तों में मनभेद नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव के बाद भी सभी व्यापारियों को मिलकर गीदम और व्यापारी समाज के हित में काम करना है।
“पद मिले या न मिले, व्यापारियों के साथ खड़ा रहूंगा”
रजत दहिया ने कहा कि अध्यक्ष पद उनके लिए केवल पद नहीं बल्कि जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वे पहले भी व्यापारियों के साथ खड़े रहे हैं और आगे भी अपनी क्षमता के अनुसार हर व्यापारी साथी की मदद के लिए तैयार रहेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि अध्यक्ष पद मिले या न मिले, व्यापारियों के प्रति उनका अपनापन और जिम्मेदारी बनी रहेगी।
युवा नेतृत्व को लेकर बढ़ी चर्चा
रजत दहिया की दावेदारी के बाद गीदम व्यापारी संघ चुनाव में युवा नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक ओर वरिष्ठ व्यापारी सर्वसम्मति बनाने के प्रयास में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर अलग-अलग दावेदारों के मैदान में उतरने से चुनावी गतिविधियां बढ़ती नजर आ रही हैं।
अब आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वरिष्ठों के प्रयास से अध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति बनती है या व्यापारी संघ का चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ता है।
फिलहाल रजत दहिया की दावेदारी ने गीदम के व्यापारी संघ चुनाव को लेकर माहौल को जरूर गरमा दिया है। उनकी ओर से व्यापारी हित, वरिष्ठों का सम्मान, युवा सोच और व्यापारी एकता को अपनी प्राथमिकता बताया गया है।


