रिपोर्ट: Aman Chhattisgarh News
छत्तीसगढ़ में कमर्शियल गैस सिलेंडर को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। राज्य में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक लगाए जाने से होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और छोटे फूड कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस फैसले के बाद कई जगहों पर फूड व्यवसाय प्रभावित होने लगा है और व्यापारियों में चिंता का माहौल देखा जा रहा है।
फूड व्यापारियों का कहना है कि कमर्शियल गैस उनके व्यवसाय की सबसे जरूरी जरूरत है। गैस सिलेंडर के बिना बड़े स्तर पर खाना बनाना संभव नहीं है। अचानक सप्लाई बंद होने से होटल और ढाबा संचालकों को रोजमर्रा का काम चलाने में दिक्कत आ रही है।
जानकारी के अनुसार प्रशासन की ओर से कुछ जिलों में कलेक्टर द्वारा गैस के विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक उपकरणों के उपयोग की सलाह दी गई है। यानी होटल और फूड दुकानों को फिलहाल इलेक्ट्रिक चूल्हा, इंडक्शन या अन्य बिजली से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल करने की बात कही गई है, ताकि कारोबार पूरी तरह बंद न हो।
हालांकि फूड व्यापारियों का कहना है कि यह विकल्प उनके लिए आसान नहीं है। होटल और ढाबों में बड़ी मात्रा में खाना तैयार किया जाता है, जिसके लिए गैस सबसे सुविधाजनक और किफायती माध्यम है। यदि पूरी तरह इलेक्ट्रिक उपकरणों पर निर्भर होना पड़ेगा तो बिजली की खपत काफी बढ़ जाएगी और बिजली बिल भी कई गुना बढ़ सकता है।
इसी को लेकर फूड व्यापारियों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि अगर कमर्शियल गैस पर रोक लगाई गई है और इलेक्ट्रिक उपकरणों के उपयोग की सलाह दी जा रही है, तो बिजली बिल में विशेष छूट या राहत दी जाए। व्यापारियों का कहना है कि इससे उन्हें आर्थिक बोझ से कुछ राहत मिल सकेगी।
फूड व्यवसाय से जुड़े लोगों का यह भी कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए और कमर्शियल गैस की नियमित आपूर्ति बहाल करनी चाहिए, ताकि हजारों छोटे-बड़े व्यवसायों पर पड़ रहे असर को कम किया जा सके।
फिलहाल फूड व्यापारी सरकार और प्रशासन से इस फैसले पर पुनर्विचार करने और व्यापारियों को राहत देने की मांग कर रहे हैं।
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