अमन छत्तीसगढ़ न्यूज़
प्रशासन का दावा मुआवजा नहीं मिलने से था परेशान
जांजगीर चांपा में किसान ने आत्मघाती कदम उठाया है. किसान ने सोशल मीडिया में वीडियो पोस्ट करके अपनी आप बीती साझा की है.
जांजगीर चांपा :अकलतरा थाना क्षेत्र के सांकर गांव में किसान ने जान देने की कोशिश की है.बताया जा रहा है कि किसान धान नहीं बिकने और भारतमाला प्रोजेक्ट का मुआवजा राशि नहीं मिलने से परेशान था. आत्मघाती कदम उठाने से पहले किसान ने 4 मिनट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया.किसान के आत्मघाती कदम उठाने की जानकारी जब परिजनों को लगी तो उन्होंने तुरंत उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया,जहां किसान का इलाज जारी है.
किसान ने सोशल मीडिया में अपलोड किया वीडियो
अकलतरा ब्लॉक के सांकर गांव निवासी किसान अनुराग सिंह चंदेल ने आत्मघाती कदम उठाया है. किसान ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले एक वीडियो बनाया है. किसान ने वीडियो में आरोप लगाए हैं कि वो शासन प्रशासन के रवैये से परेशान हैं. पिछले साल भी उनका धान नहीं बिका था,इस साल भी धान नहीं बिक सका है.कर्ज इतना ज्यादा हो चुका है कि खेत बेचना पड़ गया.
सिक्स लेन बनने के लिए जो जमीन पहले गई थी उसमें मेरा और भाईयों का नाम था.लेकिन उसमें पटवारी ने हेरफेर करके सिर्फ मां का नाम ही दिखाया.इसके बाद मुझे उसका मुआवजा नहीं मिला.भारतमाला प्रोजेक्ट में भी मेरी जमीन गई है,उसमें भी सीमांकन को लेकर अब तक मुझे मुआवजा नहीं मिला है.इसे लेकर मैं हर जगह आवेदन दे चुका हूं.पीएम पोर्टल में भी शिकायत कर चुका हूं. वर्तमान में मानवाधिकार में भी शिकायत की है.मजबूरी में मैं ऐसा कदम उठा रहा हूं.जो आदमी अपने अधिकार की रक्षा खुद नहीं कर सकता है तो वो क्या करेगा- अनुराग किसान, पीड़ित किसान
प्रशासन का दावा धान नहीं है कारण
वहीं जिला प्रशासन ने किसान के आत्मघाती कदम उठाने को लेकर टोकन नहीं कटने की बात से इनकार किया है.कलेक्टर की माने तो किसान भारतमाला प्रोजेक्ट के मुआवजा राशि नहीं मिलने से परेशान था.
किसान का टोकन कट चुका था.उसे भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत मुआवजा राशि मिलने में देरी हो रही थी.यही वजह रही होगी कि किसान ने आत्मघाती कदम उठाया है- जन्मेजय महोबे, कलेक्टर
किसान के आत्मघाती कदम उठाने के मामले में पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है.
बिलासपुर समृद्धि अस्पताल में किसान एडमिट हुए थे.खबर मिलने पर हमने पुलिस स्टाफ भेजा था.किसान का भारतमाला प्रोजेक्ट में जमीन के मुआवजा को लेकर कोई दिक्कत था.उसे लेकर किसी तरल पदार्थ का सेवन किया है.डॉक्टर से बात हुई है उन्होंने कहा है कि किसी अज्ञात पदार्थ का सेवन किया है.जो टोकन वाली बात आ रही है तो उसका टोकन कटा हुआ है.उसकी जानकारी किसान को दे दी गई है- विजय कुमार पाण्डेय,एसपी
आपको बता दें कि प्रशासन ने धान खरीदी को लेकर किसान के आत्मघाती कदम से साफ इनकार किया है.प्रशासन का दावा है कि किसान का टोकन कट चुका था.ऐसे में धान नहीं बिक पाने की बात सही नहीं है.वहीं दूसरी ओर जांजगीर चांपा जिला में धान खरीदी की धीमी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेसियों ने बुधवार को एसडीएम कार्यालय का घेराव किया था. जिसमें कांग्रेस ने शासन प्रशासन से बचे किसानों का टोकन काटने और लिमिट बढ़ाने के साथ धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की मांग की थी.


