अमन छत्तीसगढ़

चांपा / प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी और पंडित अमृतलाल दुबे जयंती समारोह के संयुक्त आयोजन और भाषाविद पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग और कुलपति थावे विद्यापीठ गोपालगंज बिहार डॉ विनय कुमार पाठक के मुख्य आतिथ्य तथा श्री सनत तिवारी वरिष्ठ साहित्यकार के विशिष्ट अस्थिरता में प्रो अश्विनी केशरवानी को उनकी पाँच दशक की साहित्यिक साधना के लिए शाल , श्रीफल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की पूजा अर्चना करके हुई । तत्पश्चात रामनिहोरा राजपूत द्वारा सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुआ । डॉक्टर विवेक तिवारी के अकादमी की गतिविधियों की जानकारी देते हुए अनेक साहित्यकारों को सम्मानित किए जाने की जानकारी दी ।मुख्य अतिथि डॉक्टर विनय कुमार पाठक ने अपने संबोधन में प्रो केशरवानी के पाँच दशक की साहित्य साधना का उल्लेख करते हुए अपनी शोध रचनाओं का प्रकाशन होना चाहिए । इसके लिए उन्हें शुभकामनाएं भी दी । प्रो अश्विनी केशरवानी ने अपने उद्बोधन में अपने शोध कार्यो की जानकारी देते हुए बताया की उन्हें चित्रोत्पला गंगा – महानदी का संस्कार और भगवान शबरी नारायण का आशीर्वाद से ही यह संभव हुआ । विज्ञान के विद्यार्थी होने के बावजूद उनकी प्रदेश के इतिहास , पुरातत्व , परंपरा के साथ साहित्य पर गहरी रुचि है । कदाचित् इसी कारण उनकी अन्याय विधाओं में राष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई है । अब तक उनकी आठ पुस्तकों का प्रकाशन हो चुका है ।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉक्टर राघवेंद्र दुबे और आभार प्रदर्शन डॉक्टर विवेक तिवारी ने किया । इस अवसर पर डॉक्टर महेंद्र दुबे , सनत तिवारी , राजेश सोनार , श्रीमती कल्याणी केशरवानी , श्रीमती सरस्वती सोनी , रामनिहोर राजपूत ,शीतल प्रसाद पटनवार, शत्रुघन जैसवानी सहित अनेक साहित्यकार उपस्थित थे । कार्यक्रम में महेंद्र दुबे , विवेक तिवारी ने अमृतलाल दुबे स्मृति स्मारिका और राघवेंद्र दुबे और राजेश सोनार ने अपनी कृतियाँ भेंट की ।


