धर्म के आधार पर बंटा भारत, लाखों ने गंवाई जान
देश ने विभाजन के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
चांपा। 14 अगस्त 1947 — एक तारीख, जिसे भारत की जनता कभी नहीं भूल सकती। इस दिन जहां एक ओर देश को आज़ादी मिली, वहीं दूसरी ओर धर्म के आधार पर मां भारती का विभाजन हुआ। इस विभाजन ने देश को ऐसे जख्म दिए, जो आज भी ताजा हैं।
करीब 13 लाख हिंदू भाई-बहन पाकिस्तान में अपने घरों से बेघर कर दिए गए। हजारों को बेरहमी से मार डाला गया, लाशें भारत भेजी गईं, और असंख्य महिलाओं-बच्चियों की अस्मिता लूटी गई।

जनता ने लिया संकल्प
अब भारत की जनता जागरूक है और दुश्मनों के किसी भी मजहबी जाल में नहीं फंसने का प्रण ले चुकी है।
कोटि-कोटि नमन
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर देशभर में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं। मां भारती के उस काले अध्याय में प्राणों की आहुति देने वाले निर्दोष भारतीयों को कोटि-कोटि नमन किया गया।
विशेष टिप्पणी: विभाजन विभीषिका दिवस हमें सिर्फ अतीत का दर्द नहीं, बल्कि एकता और सतर्कता का संदेश भी देता है।


