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Wednesday, April 15, 2026

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“22 महीने के आयुष की मौत: BDM अस्पताल की लापरवाही ने ले ली मासूम की जान ”

📍 चांपा, छत्तीसगढ़ – एक मासूम की जिंदगी खत्म हो गई… और वजह बनी BDM शासकीय अस्पताल की घोर लापरवाही। 28 जुलाई की रात को 22 महीने के आयुष देवांगन को सांप ने काटा। उसके पिता, निखिल देवांगन, तुरंत उसे लेकर BDM अस्पताल पहुंचे — लेकिन वहां मिला उन्हें सिर्फ इंतज़ार, टालमटोल और बेरुखी।

🏥 बिना इलाज लौटाया गया मासूम

आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने कहा, “डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं, दवा नहीं है। किसी प्राइवेट अस्पताल में ले जाइए।”
सोचिए, जब जीवन और मौत के बीच एक-एक सेकंड मायने रखता है, तब एक सरकारी हॉस्पिटल किसी 22 महीने के बच्चे को बाहर निकाल देता है?


🚨 स्वास्थ्य विभाग के दावों की खुली पोल

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रचार करते हैं कि “सांप काटे तो टोना-टोटका नहीं, सीधे हॉस्पिटल जाइए”, लेकिन जब आम लोग वाकई अस्पताल पहुंचते हैं, तो उनके साथ क्या सलूक होता है — आयुष की मौत इसका कड़वा उदाहरण है।

भारत सरकार का हेल्थ पोर्टल – www.mohfw.gov.in


🤐 हॉस्पिटल प्रबंधन मौन, डॉक्टर ‘अनजान’

इस पूरे मामले पर BDM अस्पताल के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने कोई जवाब नहीं दिया है।
ना कोई सफाई, ना खेद।
प्रभारी डॉक्टर का बयान तक नहीं आया।

सवाल ये है: जब बच्चा अस्पताल तक पहुंच चुका था, तो उसे प्राथमिक इलाज तक क्यों नहीं दिया गया?


🧑‍⚕️ रेफरल सेंटर या ‘भागाओ सेंटर’?

चांपा नगर का BDM अस्पताल रेफरल सेंटर के नाम से जाना जाता है, पर अब वहां बिना कागज़ों के पहुंचे मरीजों को “भागाओ नीति” अपनाकर भगा दिया जा रहा है।

👨‍⚖️ ऐसे में क्या यह अस्पताल भरोसे के लायक है? क्या प्रशासन किसी की जान जाने के बाद जागेगा?


🧒 कौन था आयुष?

  • नाम: आयुष देवांगन
  • उम्र: 22 महीने
  • निवासी: भोजपुर, चांपा
  • स्थिति: सांप काटने के तुरंत बाद परिजन BDM अस्पताल पहुंचे
  • नतीजा: इलाज न मिलने पर मौत

🛑 जनता में आक्रोश

स्थानीय लोगों ने इस घटना पर भारी आक्रोश जताया है। सोशल मीडिया पर लोग BDM अस्पताल को बंद करने तक की मांग कर रहे हैं।

“अगर सरकारी हॉस्पिटल में इलाज नहीं मिलेगा, तो हम जाएं कहां?” – स्थानीय नागरिक

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📣 अब जनता पूछ रही है:

  1. क्या किसी जिम्मेदार डॉक्टर पर कार्रवाई होगी?
  2. क्या अस्पताल में दवा और स्टाफ की उपलब्धता जांची जाएगी?
  3. क्या इस घटना की जांच SIT या किसी प्रशासनिक अधिकारी से करवाई जाएगी?

✅ प्रशासन से मांग

  • तुरंत जांच कमेटी गठित हो
  • अस्पताल स्टाफ पर FIR दर्ज हो
  • पीड़ित परिवार को मुआवजा मिले
  • BDM अस्पताल में 24×7 डॉक्टर और दवा की व्यवस्था हो

आयुष की मौत सिर्फ एक हादसा नहीं है — ये व्यवस्था की बेरहमी का आईना है।
आज एक मासूम की जान गई, कल कोई और हो सकता है।
जब तक ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं होती, BDM जैसे हॉस्पिटल मौत के दरवाज़े बने रहेंगे।


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#JusticeForAyush #BDMHospital #ChampaNews #SnakeBiteDeath

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