नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद बीजेपी में प्रदेश प्रभारी के लिए नए चेहरे की तलाश जारी है.
रायपुर : बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन का छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रभारी के रूप में कार्यकाल लगभग समाप्त माना जा रहा है. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर छत्तीसगढ़ बीजेपी का अगला प्रदेश प्रभारी कौन होगा? बीजेपी नेतृत्व अब तक नए प्रभारी के नाम पर फैसला क्यों नहीं कर पाया है? क्या संगठन और सरकार में संभावित बदलावों के कारण यह देरी हो रही है या फिर केंद्रीय नेतृत्व किसी ऐसे चेहरे की तलाश में है जो आगामी विधानसभा चुनाव तक संगठन को नई दिशा दे सके. दूसरी तरफ कांग्रेस इसे बीजेपी की आंतरिक कमजोरी बताकर सरकार और संगठन दोनों को घेरने की तैयारी में है. ऐसे में नए प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है.
नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नया समीकरण
भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में कई राज्यों में संगठनात्मक बदलाव किए हैं. इसी क्रम में नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली.इसके बाद छत्तीसगढ़ बीजेपी में प्रदेश प्रभारी का पद लगभग रिक्त माना जा रहा है. राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य होने के बावजूद नए प्रभारी की नियुक्ति नहीं होना चर्चा का विषय बना हुआ है.
छत्तीसगढ़ बीजेपी का अगला प्रभारी कौन ?
आखिर नए प्रभारी के नाम पर देरी क्यों?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में बीजेपी संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर कुछ बड़े फैसले ले सकती है. संगठन में नई नियुक्तियां, निगम-मंडलों में रिक्त पदों पर नियुक्तियां और सरकार में संभावित फेरबदल की चर्चाएं पहले से चल रही हैं. ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहता और ऐसे नेता की तलाश में है जो संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर सके.
नए प्रभारी के सामने चुनौतियों का पहाड़- कांग्रेस
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर का कहना है कि बीजेपी का यह आंतरिक मामला है, लेकिन जो भी नया प्रभारी बनेगा उसके सामने कई बड़ी चुनौतियां होंगी. बीजेपी नेताओं के बीच कथित गुटबाजी, कार्यकर्ताओं की नाराजगी और ढाई साल की सरकार के प्रति जनता का असंतोष नए प्रभारी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी.मोदी की गारंटी के नाम पर जनता से किए गए वादे पूरे नहीं हुए हैं और इसका जवाब संगठन को देना पड़ेगा.
कौन होगा बीजेपी का अगला प्रदेश प्रभारी
प्रदेश में खाद संकट, बेरोजगारी, महंगाई, महंगी बिजली, जमीन रजिस्ट्री शुल्क में वृद्धि, स्कूल-कॉलेज फीस बढ़ोतरी, अपराध और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर जनता नाराज है।उन्होंने दावा किया कि सरकार के खिलाफ जनता में आक्रोश है और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे हालात में किसी भी प्रभारी के लिए सरकार की छवि सुधारना आसान नहीं होगा- धनंजय सिंह ठाकुर,प्रवक्ता कांग्रेस
कांग्रेस का दावा बदलाव के मूड में जनता
कांग्रेस का कहना है कि न सिर्फ जनता बल्कि बीजेपी के कार्यकर्ता भी असंतुष्ट हैं. पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर के बयानों का हवाला देते हुए कांग्रेस ने दावा किया कि बीजेपी के भीतर भी सरकार के कामकाज को लेकर नाराजगी है. धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यदि नितिन नबीन को दोबारा भी छत्तीसगढ़ का प्रभारी बना दिया जाए, तब भी बीजेपी को इसका लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि जनता बदलाव का मन बना चुकी है.
दिल्ली के फैसले का इंतजार
उपमुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल को लेकर भी चर्चाएं
कांग्रेस ने दावा किया कि सरकार में बदलाव की चर्चाएं तेज हैं. दो उपमुख्यमंत्री पदों को समाप्त करने, कुछ मंत्रियों को बदलने तथा लंबे समय से खाली पड़े निगम-मंडलों में नियुक्तियों की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में चल रही हैं. कांग्रेस का कहना है कि यह सरकार की असहज स्थिति को दर्शाता है.
कांग्रेस को बीजेपी का जवाब
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राजीव चक्रवर्ती ने कहा कि नितिन नबीन संघर्ष से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद तक पहुंचे हैं. छत्तीसगढ़ बीजेपी के लिए यह गर्व का विषय है. उन्होंने कहा कि नितिन नबीन के मंडल, बूथ और वार्ड स्तर तक कार्यकर्ताओं से मधुर संबंध रहे हैं. उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ भाजपा ने कई चुनावी सफलताएं हासिल की हैं.


