अमन छत्तीसगढ़ न्यूज
जांजगीर-चांपा, 23 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। मुलमुला थाना में पुलिस कस्टडी में रखा अवैध शराब बिक्री का आरोपी फनेंद्र सिंह थाने से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले में ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने आरोपी की निगरानी में तैनात आरक्षक ओम प्रकाश डहरिया को निलंबित कर दिया है। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है।
अमोरा गांव में अवैध शराब बिक्री के मामले में हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, फनेंद्र सिंह को अमोरा गांव में अवैध शराब बिक्री के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मुलमुला थाना लाया गया, जहां उसे पुलिस कस्टडी में रखा गया था। कस्टडी के दौरान उसकी निगरानी की जिम्मेदारी आरक्षक ओम प्रकाश डहरिया को सौंपी गई थी।
तड़के 3 से 6 बजे के बीच थाने से निकल गया आरोपी
बताया जा रहा है कि 22 अगस्त की सुबह करीब 3 बजे से 6 बजे के बीच फनेंद्र सिंह मुलमुला थाना से फरार हो गया। जब पुलिस को आरोपी के कस्टडी से गायब होने की जानकारी मिली, तो थाना परिसर में हड़कंप मच गया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
निगरानी में चूक पड़ी भारी, आरक्षक निलंबित
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने कस्टडी ड्यूटी में लापरवाही की जांच शुरू की। मामले में आरोपी की निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे आरक्षक ओम प्रकाश डहरिया पर कार्रवाई करते हुए एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने उन्हें निलंबित कर रक्षित केंद्र जांजगीर से संबद्ध कर दिया है।
आखिर कैसे फरार हुआ आरोपी? जांच का विषय
सबसे बड़ा सवाल यही है कि पुलिस कस्टडी में रखे गए आरोपी को आखिर ऐसी स्थिति कैसे मिली कि वह थाने से फरार हो गया। कस्टडी और निगरानी व्यवस्था में हुई चूक को लेकर अब जांच की जा रही है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किस रास्ते और किन परिस्थितियों में थाना परिसर से बाहर निकला।
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी
घटना के बाद पुलिस ने फरार आरोपी फनेंद्र सिंह की तलाश तेज कर दी है। संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ पुलिस उसके संपर्कों और आवाजाही से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। फिलहाल आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
एक आरोपी का थाने की पुलिस कस्टडी से फरार होना पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस फरार आरोपी को कब तक गिरफ्तार करती है और जांच में कस्टडी से भागने की वास्तविक वजह क्या सामने आती है।


