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Wednesday, April 15, 2026

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छत्तीसगढ़ – जिस कार्यकर्ता को भाजपा ने छोड़ा बेसहारा उसे कांग्रेस ने दिया सहारा , पूर्व CM भूपेश बघेल ने..

अमन छत्तीसगढ़ न्यूज़ / छत्तीसगढ़

  • शारीरिक और आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके भाजपा के पूर्व मंडल महामंत्री विशंभर यादव ने सीएम से इच्छा मृत्यु की मांग की थी. इसकी खबर को कई मीडिया संस्थान ने मंगलवार को प्रकाशित की थी. इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संज्ञान लिया है और सूरजपुर जिले के कांग्रेस नेता पंकज तिवारी के मोबाइल से विशंभर यादव और उनकी पत्नी से बात की है. उन्हें उचित इलाज का आश्वासन दिया और इलाज के लिए रायपुर बुलाया है।

बीजेपी के पूर्व मंडल महामंत्री द्वारा सीएम से इच्छा मृत्यु की मांग करने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि दो साल पहले पीएम की सभा में शामिल होने विशंभर यादव रायपुर जा रहे थे. इस दौरान बस एक्सीडेंट हुआ और वे विकलांग हो गए. इलाज में घर बिक चुका है, कर्ज में आ चुके हैं. कई नेता, मंत्री से उन्होंने संपर्क किया. आज सरकार बीजेपी की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. बैज ने कहा, भाजपा जिस तरह से कार्यकर्ता की सुध नहीं ले रही है, एक अच्छे कार्यकर्ता की उपेक्षा की जा रही है. इससे भाजपा का चाल, चरित्र उजागर होता है।

बता दें कि विशंभर यादव का पूरा परिवार शुरू से ही भाजपा से जुड़े हुए हैं. उनके पिताजी RSS से जुड़े हुए थे. विशंभर और उनकी पत्नी भाजपा के सक्रिय सदस्य रहे. दो साल पहले रायपुर में आयोजित प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को ले जाने की जिम्मेदारी विशंभर को दी गई थी और वह बस में अपने कार्यकर्ताओं को लेकर जा रहे थे. इसी दौरान बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस हादसे में विशंभर यादव गंभीर रूप से घायल हो गए और स्थायी विकलांगता के शिकार हो गए. इस घटना पर PM मोदी ने मंच से सहानुभूति व्यक्त की थी और उस समय प्रदेश के बड़े भाजपा नेता उनका हाल-चाल जानने अपोलो हॉस्पिटल पहुंचे थे।

संगठन की तरफ से अपोलो से एम्स दिल्ली के लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई थी पर उसके बाद विशंभर यादव का हालचाल लेने कोई नहीं आया. छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार भी बन गई. उसके बाद भी आज वह इलाज के अभाव में बिस्तर में पड़े हुए हैं. लगातार दो वर्षों से उनका इलाज का खर्च परिवार उठा रहा है पर अब उनकी भी स्थिति बिगड़ने लगी है।

मिडिया से बातचीत में विशंभर यादव ने बताया था कि इलाज में अभी तक 30 से 35 लाख रुपए खर्च हो गए हैं. उनके पास जो भी था वह सब लगा दिए, अब कुछ नहीं बचा है. घर की स्थिति को देखते हुए और अपने शारीरिक स्थिति से मजबूर होकर उन्होंने मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग की है।

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