नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए सरकार के विकास रोडमैप को सामने रखा। यह उनका वित्त मंत्री के रूप में नौवां बजट है। बजट भाषण में उन्होंने कहा कि सरकार के निरंतर सुधारों और नीतिगत फैसलों से देश ने 7 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि हासिल की है और गरीबी में उल्लेखनीय कमी आई है। भारत को वैश्विक बाजारों से और अधिक मजबूती से जोड़ने पर सरकार का विशेष फोकस रहेगा।
वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में 350 से अधिक सुधारों को लागू किया गया, जिनका उद्देश्य निवेश बढ़ाना, रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था को मजबूत करना रहा है। बजट 2026 में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, MSME, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर को केंद्र में रखा गया है।
7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
बजट का सबसे बड़ा आकर्षण देश में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा रही। ये कॉरिडोर मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई और सिलीगुड़ी-वाराणसी जैसे प्रमुख रूट्स को जोड़ेंगे। इससे यात्रा समय कम होगा, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
हेल्थ सेक्टर को बड़ी मजबूती
स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने जिला अस्पतालों के अपग्रेडेशन और ट्रॉमा सेंटर की संख्या बढ़ाने की घोषणा की है। इसके साथ ही देश में 3 नए आयुर्वेद AIIMS और 5 क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को नई पहचान मिलेगी।
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर फोकस
बजट में शिक्षा को रोजगार और उद्यम से जोड़ने के लिए एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का लक्ष्य 2047 तक सेवा क्षेत्र में 10 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी हासिल करना है।
इसके अलावा, 5 विश्वविद्यालय टाउनशिप और हर जिले में लड़कियों के लिए छात्रावास खोलने की घोषणा की गई है, जिससे उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
MSME और छोटे कारोबारियों को राहत
छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूती देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड प्रस्तावित किया गया है। माइक्रो एंटरप्राइजेज के लिए 2,000 करोड़ रुपये का अलग फंड बनाया जाएगा। MSMEs को बेहतर लिक्विडिटी सपोर्ट देने के लिए TReDS सेटलमेंट प्लेटफॉर्म को अनिवार्य किया गया है।
इसके साथ ही टियर-2 और टियर-3 शहरों में SMEs की मदद के लिए ‘कॉर्पोरेट मित्रों’ का कैडर विकसित किया जाएगा।
मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल ग्रोथ
सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग, रणनीतिक और सीमावर्ती क्षेत्रों, स्वास्थ्य सेवा और उन्नत प्रौद्योगिकी सहित 6 प्रमुख क्षेत्रों में हस्तक्षेप का प्रस्ताव रखा है।
देश में 3 समर्पित केमिकल क्लस्टर, मेगा टेक्सटाइल पार्क, नेशनल फाइबर स्कीम और नेशनल हैंडलूम पॉलिसी की घोषणा की गई है, जिससे कारीगरों और टेक्सटाइल उद्योग को बड़ा लाभ मिलेगा।
कैपिटल एक्सपेंडिचर में बढ़ोतरी
सरकार ने कैपिटल एक्सपेंडिचर को बढ़ाकर 12.20 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई गति मिलेगी।
खनिज, सेमीकंडक्टर और लॉजिस्टिक्स पर जोर
रेयर अर्थ मिनरल के लिए पांच राज्यों में डेडिकेटेड कॉरिडोर और ओडिशा, तमिलनाडु व आंध्र प्रदेश में विशेष मिनरल पार्क बनाए जाएंगे।
इसके साथ ही इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत की जाएगी ताकि उपकरण, सामग्री उत्पादन और सप्लाई चेन को मजबूत किया जा सके। वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित करने का भी ऐलान किया गया है।
विकसित भारत की ओर कदम
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार के तीन प्रमुख कर्तव्य और छह फोकस एरिया विकसित भारत की नींव मजबूत करेंगे। ग्लोबल अनिश्चितताओं के बावजूद यह बजट विकास, रोजगार और समावेशी अर्थव्यवस्था पर केंद्रित है।
कुल मिलाकर, बजट 2026 में आम आदमी, किसान, युवा, महिला, कारोबारी और उद्योग सभी के लिए विकास के नए अवसर पैदा करने की कोशिश की गई है।


