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अमन छत्तीसगढ़ न्यूज
रायपुर/महासमुंद। छत्तीसगढ़ के शराब उद्योग में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब तक राज्य में देशी शराब उत्पादन और सप्लाई के क्षेत्र में भाटिया ग्रुप, वेलकम डिस्टिलरीज और केडिया समूह का दबदबा रहा है, लेकिन अब एक नई और बड़ी कंपनी की एंट्री ने पूरे कारोबार का समीकरण बदलने के संकेत दे दिए हैं। देश की प्रमुख अल्कोहल और स्पिरिट निर्माता कंपनी Piccadily Agro Industries Limited ने महासमुंद जिले में अपनी नई डिस्टिलरी शुरू कर दी है, जिससे राज्य में देशी शराब की उत्पादन क्षमता और सप्लाई नेटवर्क दोनों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
शराब कारोबार से जुड़े जानकारों का मानना है कि नई डिस्टिलरी के शुरू होने से सरकार को सप्लाई के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। वहीं लंबे समय से सीमित कंपनियों के बीच संचालित हो रहे इस कारोबार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना भी मजबूत हुई है। इससे आने वाले समय में उत्पादन, वितरण और सरकारी खरीद व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
महासमुंद बना नया औद्योगिक केंद्र
महासमुंद जिले में स्थापित नई डिस्टिलरी आधुनिक तकनीक से लैस बताई जा रही है। कंपनी ने यहां बड़े पैमाने पर निवेश कर उत्पादन इकाई तैयार की है। उद्योग सूत्रों के मुताबिक यह यूनिट देशी शराब, इथेनॉल और अन्य अल्कोहल उत्पादों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डिस्टिलरी शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और जिले की औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
सरकार की थोक खरीद नीति पर नजर
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार आगामी आबकारी सत्र के लिए शराब की थोक खरीद व्यवस्था को और मजबूत बनाने की तैयारी कर रही है। वर्तमान में कुछ चुनिंदा कंपनियों पर निर्भरता के कारण कई बार सप्लाई संबंधी चुनौतियां सामने आती रही हैं। नई कंपनी के आने से सरकार के पास अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे, जिससे जरूरत के अनुसार शराब की आपूर्ति सुनिश्चित करना आसान हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकारी खरीद प्रक्रिया में Piccadily Agro को भी हिस्सा मिलता है तो राज्य में देशी शराब की उपलब्धता पहले की तुलना में अधिक बेहतर हो सकती है। इससे वितरण व्यवस्था में सुधार आने के साथ-साथ सप्लाई चेन भी मजबूत होगी।
पुराने खिलाड़ियों के सामने नई चुनौती
छत्तीसगढ़ के शराब उद्योग में वर्षों से कुछ चुनिंदा समूहों का दबदबा रहा है। भाटिया, वेलकम और केडिया जैसे बड़े कारोबारी समूह इस क्षेत्र में प्रमुख भूमिका निभाते रहे हैं। लेकिन अब Piccadily Agro जैसी राष्ट्रीय स्तर की कंपनी के प्रवेश से प्रतिस्पर्धा का नया दौर शुरू होने की संभावना है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी क्षेत्र में नई कंपनियों के आने से गुणवत्ता सुधार, उत्पादन क्षमता विस्तार और सेवा व्यवस्था बेहतर होती है। ऐसे में शराब उद्योग में भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। नई प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और बेहतर सप्लाई व्यवस्था विकसित करने पर अधिक ध्यान देंगी।
उद्योग जगत में बढ़ी हलचल
नई डिस्टिलरी शुरू होने के बाद शराब कारोबार से जुड़े व्यापारियों और उद्योग जगत में हलचल तेज हो गई है। कई विशेषज्ञ इसे छत्तीसगढ़ के शराब उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ मान रहे हैं। उनका कहना है कि आने वाले वर्षों में राज्य का शराब बाजार और अधिक संगठित एवं प्रतिस्पर्धी हो सकता है।
इसके अलावा इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने की केंद्र सरकार की नीति को देखते हुए भी यह निवेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इथेनॉल की बढ़ती मांग के बीच नई उत्पादन इकाई कंपनी के लिए भी लाभकारी साबित हो सकती है।
आने वाले समय में बदल सकता है पूरा समीकरण
फिलहाल सभी की नजर राज्य सरकार की नई आबकारी नीति और खरीद प्रक्रिया पर टिकी हुई है। यदि नई कंपनी को सरकारी सप्लाई नेटवर्क में पर्याप्त हिस्सेदारी मिलती है तो छत्तीसगढ़ के शराब कारोबार में वर्षों से चले आ रहे समीकरण बदल सकते हैं। इससे न केवल बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था भी पहले से अधिक मजबूत होने की संभावना है।
महासमुंद में शुरू हुई नई डिस्टिलरी को छत्तीसगढ़ के शराब उद्योग के लिए एक बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई कंपनी की एंट्री से राज्य के शराब कारोबार की दिशा और दशा किस तरह बदलती है।


