रायपुर, 5 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस के चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव पद के दावेदार पलाश मल्होत्रा की आबकारी एक्ट के मामले में गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। पलाश मल्होत्रा को सत्येंद्र चेलक का करीबी और उनके चुनाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला नेता माना जाता है।
पलाश मल्होत्रा वर्तमान में प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव पद के दावेदार हैं। इससे पहले वे रायपुर उत्तर विधानसभा युवा कांग्रेस के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। युवा कांग्रेस के मौजूदा चुनाव में उनकी सक्रियता और संगठन के भीतर उनकी भूमिका को देखते हुए गिरफ्तारी को उनके राजनीतिक भविष्य के लिए अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
आबकारी एक्ट में गिरफ्तारी से बढ़ी राजनीतिक हलचल
पलाश मल्होत्रा की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद युवा कांग्रेस के भीतर भी चर्चा का दौर शुरू हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संगठन इस मामले को लेकर उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा?
हालांकि, संगठन की ओर से किसी संभावित कार्रवाई को लेकर आधिकारिक निर्णय की पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि गिरफ्तारी का उनकी महासचिव पद की दावेदारी पर सीधा असर पड़ेगा या नहीं।
राजनीतिक सूत्रों के हवाले से यह चर्चा जरूर तेज है कि यदि युवा कांग्रेस संगठन मामले को गंभीरता से लेता है, तो पलाश मल्होत्रा की चुनावी दावेदारी मुश्किल में पड़ सकती है।
सत्येंद्र चेलक के लिए भी बढ़ सकती हैं मुश्किलें
पलाश मल्होत्रा को सत्येंद्र चेलक का करीबी माना जाता है और युवा कांग्रेस चुनाव में वे चेलक खेमे के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी को चेलक के राजनीतिक कैंप के लिए भी झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रदेश युवा कांग्रेस चुनाव पहले से ही राजनीतिक खींचतान के बीच चर्चा में है। अलग-अलग नेताओं के समर्थक अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में सक्रिय हैं। ऐसे समय में पलाश मल्होत्रा की गिरफ्तारी ने चुनावी समीकरणों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
पहले भी विवादों में रही है चेलक की दावेदारी
गौरतलब है कि सत्येंद्र चेलक की दावेदारी को लेकर कांग्रेस के भीतर से ही विरोध के स्वर सामने आ चुके हैं। हाल ही में पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सत्येंद्र चेलक की दावेदारी का खुलकर विरोध किया था और उन पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए थे।
अब उनके करीबी माने जाने वाले पलाश मल्होत्रा की आबकारी एक्ट में गिरफ्तारी के बाद चेलक खेमे पर राजनीतिक दबाव बढ़ने की चर्चा है। हालांकि, किसी नेता के करीबी की गिरफ्तारी को सीधे तौर पर उस नेता की व्यक्तिगत जिम्मेदारी से जोड़ना उचित नहीं होगा।
अब निगाहें युवा कांग्रेस संगठन के अगले कदम पर
पलाश मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद अब सबसे ज्यादा नजर युवा कांग्रेस संगठन के अगले कदम पर है। यदि संगठन की ओर से कोई कार्रवाई की जाती है तो इसका असर प्रदेश महासचिव पद के चुनाव पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल मामले में आगे संगठन क्या निर्णय लेता है और पलाश मल्होत्रा की दावेदारी जारी रहती है या नहीं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। गिरफ्तारी के मामले में पुलिस और संबंधित एजेंसियों की ओर से सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी भी महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल इतना तय है कि युवा कांग्रेस चुनाव के बीच हुई इस गिरफ्तारी ने छत्तीसगढ़ की सियासत में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है।


