21.7 C
New York
Friday, June 26, 2026

Buy now

spot_img

छत्तीसगढ़ में अब मिलेगा ताज़ा ‘क्राफ्ट बीयर’ का स्वाद, राज्य सरकार ने दी मंजूरी



छत्तीसगढ़ के बीयर प्रेमियों के लिए एक शानदार खबर है! राज्य सरकार ने प्रदेश में माइक्रो ब्रुअरी (Microbrewery) स्थापित करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही आबकारी विभाग ने इच्छुक निवेशकों और होटल संचालकों को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ में पहली बार स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाली ताज़ा ‘क्राफ्ट बीयर’ की बिक्री का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

मिलेंगे कई अनोखे और लज़ीज़ फ्लेवर


माइक्रो ब्रुअरी शुरू होने के बाद उपभोक्ताओं को अब साधारण बीयर से हटकर कई तरह के फ्रेश और अनोखे फ्लेवर्स का स्वाद लेने का मौका मिलेगा, जिनमें शामिल हैं लेमन (नींबू) और ऑरेंज (संतरा),एप्पल (सेब) और बेरी,व्हीट (गेंहू) और डार्क बीयर,हनी (शहद) और अन्य प्रीमियम फ्लेवर


होटल और पर्यटन उद्योग को मिलेगी नई रफ़्तार
सरकार का मानना है कि इस फैसले से प्रदेश के होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन उद्योग को एक नई गति मिलेगी। बड़े शहरों में आने वाले पर्यटकों और युवाओं के बीच क्राफ्ट बीयर की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह कदम आतिथ्य क्षेत्र के व्यापार को बढ़ाने में काफी मददगार साबित होगा।

निवेश और रोजगार के नए अवसर
नई आबकारी नीति लागू होने से राज्य में निजी निवेश बढ़ने की प्रबल संभावना है। माइक्रो ब्रुअरी की स्थापना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के कई नए अवसर पैदा होंगे, जिसका सीधा फायदा स्थानीय युवाओं और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मिलेगा।

सरकार के राजस्व में होगी बढ़ोतरी
विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से राज्य सरकार के आबकारी राजस्व में अच्छी-खासी वृद्धि होगी। स्थानीय स्तर पर ही प्रीमियम पेय पदार्थों का उत्पादन होने से छत्तीसगढ़ की दूसरे राज्यों पर निर्भरता भी कम होगी।

नियम और मुख्य शर्तें
लाइसेंस फीस: माइक्रो ब्रुअरी संचालकों को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये का लाइसेंस शुल्क देना होगा।
उत्पादन क्षमता: प्रत्येक माइक्रो ब्रुअरी को प्रतिदिन अधिकतम 1,000 लीटर उत्पादन की अनुमति होगी।
टैक्स और कीमत: उत्पादित क्राफ्ट बीयर पर 60 रुपये प्रति बल्क लीटर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) देय होगा। वहीं, इसके एक ग्लास की अनुमानित कीमत 250 से 300 रुपये के बीच होने की उम्मीद है।

यह पूरा संचालन आबकारी विभाग द्वारा तय किए गए कड़े नियमों, लाइसेंस शर्तों और सख्त गुणवत्ता मानकों के तहत ही किया जाएगा, ताकि नियंत्रित और वैधानिक व्यवस्था बनी रहे।

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles