जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.) के नाम का कथित दुरुपयोग, पूरे नेटवर्क की जांच तेज
देशभर में पत्रकारों के अधिकारों और पत्रकारिता की गरिमा के लिए कार्यरत जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.) के नाम पर कथित रूप से फर्जी आईकार्ड बनाने और प्रसारित करने वाले गिरोह का मामला सामने आया है। संगठन ने इसे पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर सीधा हमला बताते हुए तकनीकी एवं कानूनी स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मामले का खुलासा तब हुआ जब पश्चिम बंगाल के एक पत्रकार ने संगठन के आधिकारिक व्हाट्सएप समूह से जुड़ने का अनुरोध किया। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान उनके पास मौजूद आईकार्ड संदिग्ध पाया गया। जांच में सामने आया कि संबंधित आईकार्ड संगठन द्वारा जारी ही नहीं किया गया था।
प्रारंभिक पूछताछ में झारखंड से जुड़े एक मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी की जानकारी सामने आई, जिनके माध्यम से कथित रूप से फर्जी आईकार्ड भेजे जा रहे थे। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि फर्जी आईकार्ड पर संगठन के लोगो और पहचान चिह्नों का गलत इस्तेमाल किया गया है, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
संगठन ने पत्रकारों से अपील की है कि किसी भी आईकार्ड या सदस्यता प्रमाणपत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि आधिकारिक माध्यमों से अवश्य करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संगठन को दें।


