जांजगीर-चाम्पा। चाम्पा में सट्टा मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। सट्टा मामले में आरोपी शिवाजी राव इंगले की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं। कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गिरफ्तार आरोपी भाजपा का सक्रिय कार्यकर्ता है और उसे बचाने के लिए सत्ताधारी दल के नेता थाना तक पहुंच गए थे। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कांग्रेस पर ही पलटवार किया है।
कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप ने कहा कि पुलिस ने सट्टा मामले में कार्रवाई कर सराहनीय कार्य किया है, लेकिन कार्रवाई के दौरान कुछ भाजपा नेताओं ने आरोपी को बचाने का प्रयास किया। उनका आरोप है कि भाजपा के कुछ नेता थाना पहुंचे और पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए फोन तक किए गए। विधायक ने कहा कि यदि यह सच नहीं है तो संबंधित लोग सामने आकर इसका खंडन करें।
विधायक ने आगे कहा कि गिरफ्तार आरोपी शिवाजी राव इंगले भाजपा की गतिविधियों में लगातार सक्रिय रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान भी वह स्वागत करते हुए दिखाई दिया था। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि उसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सट्टा और अवैध कारोबार करने वालों को सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं का संरक्षण मिल रहा है, जिससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
भाजपा ने कांग्रेस पर किया पलटवार
कांग्रेस विधायक के आरोपों के बाद भाजपा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा के जिला प्रवक्ता विकास शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवा लेने या स्वागत कर देने से कोई व्यक्ति भाजपा का कार्यकर्ता या नेता नहीं बन जाता।
विकास शर्मा ने कहा कि भाजपा कानून के शासन में विश्वास करती है और यदि किसी व्यक्ति ने अपराध किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होना स्वाभाविक है। इसमें राजनीतिक रंग देना केवल कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है।
कार्रवाई के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
चाम्पा में पुलिस की कार्रवाई के बाद मामला अब केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। कांग्रेस जहां सत्ता पक्ष पर सट्टेबाजों को संरक्षण देने का आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा इन आरोपों को पूरी तरह राजनीतिक और तथ्यों से परे बता रही है।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर जिले की राजनीति गरमा गई है और आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक तूल पकड़ सकता है


