बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर ऋषभ सुराना ने उठाई कड़ी आवाज — कहा, कार्रवाई में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं
गीदम। नगर के बस्ती एवं रिहायशी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही फटी एवं मॉडिफाइड साइलेंसर, तेज रफ्तार तथा नशे में वाहन चलाने की समस्या को लेकर पुलिस प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए थाना गीदम में आवेदन सौंपा गया।
बस्ती की संकरी गलियों में तेज आवाज करने वाली मोटरसाइकिलों से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं तेज रफ्तार एवं लापरवाही से वाहन चलाने के कारण कभी भी गंभीर दुर्घटना की स्थिति निर्मित हो सकती है। बस्ती की गलियों में छोटे बच्चे खेलते हैं, महिलाएं एवं बुजुर्ग पैदल चलते हैं और स्थानीय नागरिकों का लगातार आवागमन रहता है। ऐसे में इस प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है।
आवेदन के माध्यम से पुलिस प्रशासन से मांग की गई कि मुख्य सड़कों के साथ-साथ बस्ती की अंदरूनी गलियों में भी नियमित पेट्रोलिंग एवं वाहन जांच अभियान चलाया जाए। फटी अथवा मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करने वाले, तेज रफ्तार से वाहन चलाने वाले तथा नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
ऋषभ सुराना ने कहा — “बस्ती की गलियां रेसिंग ट्रैक नहीं हैं”
इस दौरान मीडिया प्रभारी एवं आईटी सेल जिला सचिव ऋषभ सुराना, जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के जिला सचिव बलदेव सोढ़ी, ब्लॉक कांग्रेस सचिव अरुण मंसूरे एवं अभिषेक जी मौजूद रहे।
ऋषभ सुराना ने स्पष्ट और सख्त शब्दों में कहा कि बस्ती की गलियों में वाहन चलाने के नाम पर मनमानी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जिन गलियों में बच्चे खेलते हैं और महिलाएं एवं बुजुर्ग रोजाना आवागमन करते हैं, वहां तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाना सीधे तौर पर लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई केवल मुख्य मार्गों पर दिखाई देने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। बस्ती की अंदरूनी गलियों में भी पुलिस की मौजूदगी और नियमित निगरानी जरूरी है।
ऋषभ सुराना ने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया कि फटी एवं मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए तथा नशे में वाहन चलाने और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की मांग
आगामी नवरात्रि सहित अन्य धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को देखते हुए गीदम नगर में लोगों की आवाजाही और भीड़ बढ़ने की संभावना है। इस दौरान बाजारों, मंदिरों, मुख्य मार्गों के साथ-साथ बस्ती क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
ऐसे समय में तेज रफ्तार एवं नशे में वाहन चलाने वालों पर विशेष निगरानी रखना आवश्यक है, ताकि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
ऋषभ सुराना ने कहा कि पुलिस प्रशासन को किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय पहले से ही प्रभावी कार्रवाई शुरू करनी चाहिए। नागरिकों द्वारा दी जाने वाली सूचनाओं और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने दो टूक कहा—
“हादसा होने के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि समय रहते सख्ती कर हादसे को रोका जाए।”
साथ ही यह भी कहा गया कि बस्ती के लोगों को तेज आवाज, नशे में वाहन चलाने वालों और तेज रफ्तार के कारण भय या परेशानी में रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
आवेदन के माध्यम से पुलिस प्रशासन से मांग की गई कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए गीदम नगर की बस्तियों एवं रिहायशी क्षेत्रों में विशेष निगरानी, नियमित पेट्रोलिंग और वाहन जांच अभियान चलाया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर बिना किसी दबाव और बिना किसी ढिलाई के नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।


